नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान में अपने साथ हुए बुरे बर्ताव से खफा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत हमेशा ही अपने पड़ोसी पाकिस्तान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों की कोशिश करता रहा है, लेकिन ये पड़ोसी है कि मानता नहीं।
राजनाथ ने कहा, “हम दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध पाकिस्तान के साथ मैत्रीपूर्ण रहे हैं। हमने उनके साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश की है।”
उन्होंने इस्लामाबाद में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के सदस्य देशों के गृहमंत्रियों की बैठक से लौटने के बाद राज्यसभा में यह बयान दिया। इसके बाद उन्होंने लोकसभा में भी यही बयान दिया।
इस्लामाबाद में दक्षेस के गृह मंत्रियों की बैठक पर भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव व कश्मीर में अशांति का खासा असर पड़ा। भारत ने पाकिस्तान पर घाटी में अशांति फैलाने में मदद करने का आरोप लगाया। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के आठ जुलाई को मारे जाने के बाद शुरू हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों व प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
राजनाथ ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की टिप्पणी का संदर्भ देते हुए कहा, “एक देश का आतंकवादी किसी दूसरे देश के लिए शहीद कैसे हो सकता है।” नवाज शरीफ ने बुरहान को ‘शहीद’ करार दिया था।
उन्होंने कहा, “उन्हें (पाकिस्तान) अच्छे आतंकवाद और बुरे आतंकवाद के बीच फर्क करने की गलती नहीं करनी चाहिए। ऐसे लोगों पर तत्काल व प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत है, जो किसी भी तरीके से अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को प्रश्रय देते हैं, चाहे वे सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े (स्टेट एक्टर) हों या सत्ता प्रतिष्ठान से स्वतंत्र (नॉन स्टेट एक्टर) हों।”
इस्लामाबाद में दक्षेस सम्मेलन के दौरान भी गृहमंत्री ने इसी तरह की टिप्पणियां की और आतंकवाद का समर्थन करने और भारत की सरजमीं पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने को लेकर पाकिस्तान सरकार की कड़ी आलोचना की।
मीडिया रपटों के मुताबिक, इस्लामाबाद में राजनाथ के भाषण को ‘ब्लैक आउट’ (प्रसारण पर रोक) कर दिया गया और उनके साथ गए भारतीय पत्रकारों को बैठक में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
विपक्षी सांसद भी सरकार के साथ लामबंद दिखे और पाकिस्तान में राजनाथ के साथ खराब व्यवहार की आलोचना की।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पाकिस्तान का व्यवहार निराशाजनक रहा।
जनता दल युनाइटेड (जदयू) के नेता शरद यादव ने पाकिस्तान की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और हमारे गृहमंत्री के साथ बुरा बर्ताव किया।
राजनाथ ने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे कि पाकिस्तान ने उनके साथ कैसा बर्ताव किया, लेकिन उन्होंने वही किया जिससे अपने देश की गरिमा बरकरार रह सके।
राजनाथ ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान द्वारा आयोजित दोपहर भोज में भी हिस्सा नहीं लिया।
राजनाथ ने राज्यसभा को बताया, “यह सच है कि पाकिस्तान के गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान ने सभी को दोपहर भोज के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन इसके बाद वह अपनी कार में चले गए। मैं भी चला गया। मुझे कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि मैं वहां भोज के लिए नहीं गया था, लेकिन हमारी अपने अतिथियों का स्वागत करने की गरिमा है और हमें इसे बनाए रखना चाहिए।”
राजनाथ ने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि उनके भाषण को जानबूझकर लाइव कवर करने से रोकने के लिए सेंसर किया गया।
उन्होंने कहा, “मैं पिछले ऐसे अवसरों के प्रोटोकॉल मानदंडों से अवगत नहीं हूं। इस पर विदेश मंत्रालय से बात करनी होगी कि भाषण को कवर किया गया या नहीं। यह पूर्वनियोजित था या ऐसा जानबूझकर किया गया। मैं इसके बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता।”
राजानाथ ने कहा, “लेकिन यह सच है कि भारतीय पत्रकारों को बैठक में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।”
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