नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों द्वारा अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आयोगों में रिक्तियों का मुद्दा उठाकर हंगामा किए जाने के कारण सदन की कार्यवाही कई बार करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद ही इस मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया, जिसके कारण इसे 10 मिनट के लिए पूर्वाह्न 11.25 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने के बाद केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चालू है। लेकिन विपक्षी पार्टियों के सदस्यों का प्रदर्शन जारी रहा। इस बीच सदन की कार्यवाही दूसरी बार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा, जिसके कारण तीसरी बार दोपहर 12.30 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही फिर शुरू होने पर भी जब हंगामा जारी रहा तो दोपहर दो बजे तक के लिए इसे स्थगित कर दिया गया।
दोपहर भोजन के बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने इस विषय पर नियम 267 के तहत चर्चा की मांग की और सरकार से सप्ताह भर के भीतर इन पदों पर नियुक्तियां करने का आश्वासन मांगा।
हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने नियम 267 के तहत दिए गए चारों नोटिस में से किसी को भी स्वीकार नहीं किया।
विपक्षी सांसद चर्चा पर जोर देते हुए आसंदी के पास इकट्ठा हो गए।
उपसभापति पी.जे.कुरियन ने बुधवार को दोपहर के भोजन के बाद इस पर चर्चा करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन सांसद तैयार नहीं हुए।
इसके बाद कुरियन ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
वित्तमंत्री अरुण जेटली को दोपहर 3.30 बजे वित्त विधेयक 2017 पर चर्चा के तहत जवाब देना था।
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