नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा की आचार समिति ने सोमवार को विजय माल्या के मुद्दे का संज्ञान लिया। राज्यसभा के स्वतंत्र सदस्य और उद्योगपति माल्या पर नौ हजार करोड़ रुपये बैंक कर्ज का भुगतान नहीं करने के आरोपी हैं।
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा की आचार समिति ने सोमवार को विजय माल्या के मुद्दे का संज्ञान लिया। राज्यसभा के स्वतंत्र सदस्य और उद्योगपति माल्या पर नौ हजार करोड़ रुपये बैंक कर्ज का भुगतान नहीं करने के आरोपी हैं।
शून्यकाल के दौरान जब अन्य सदस्य अपनी बातें रख रहे थे तभी कांग्रेस के सदस्यों ने एक बार फिर माल्या को वापस लाने की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
आगे क्या किया जाना है इसकी जानकारी दिए बगैर कमेटी के अध्यक्ष कर्ण सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए समिति की और बैठकें की जाएंगी। सिंह कांग्रेस पार्टी से हैं।
आगे क्या किया जाना है इसके बारे में उन्होंने कहा, हम लोग नियमों के मुताबिक आगे बढ़ेंगे।
भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले 17 बैंकों के संघ ने सर्वोच्च न्यायालय से माल्या को देश छोड़ने से रोकने और उन्हें गिरफ्तार करने और उनका पासपोर्ट जब्त करने की मांग की थी।
सर्वोच्च न्यायालय को बताया गया कि माल्या दो मार्च को ही भारत छोड़ चुके हैं।
माल्या राज्यसभा के लिए कर्नाटक से चुने गए थे। उनका कार्यकाल इसी साल 30 जून को समाप्त होने वाला है।
वह दूसरी बार वर्ष 2010 में निर्वाचित हुए थे। इसमें राज्य के जनता दल सेक्युलर एवं भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने उनका समर्थन किया था। राज्यसभा का उनका पहला कार्यकाल वर्ष 2002 से 2008 तक था।
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