नई दिल्ली, 1 मार्च (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि पठानकोट वायु सेना अड्डे पर हमला करने वाले लोग गैर राजकीय (नान स्टेट एक्टर) जरूर थे लेकिन उन्हें राजकीय समर्थन हासिल था। इसके बिना वह आसानी से काम नहीं कर सकते थे। पर्रिकर ने यह बात मंगलवार को राज्यसभा में कही।
उच्च सदन में शिव सेना के सांसद संजय राउत ने पूरक प्रश्न पूछा था कि क्या पठानकोट पर हमला सिर्फ आतंकवादियों ने किया था या इसे पाकिस्तानी सेना का भी समर्थन प्राप्त था? इसी सवाल के जवाब में पर्रिकर ने यह बात कही।
उन्होंने कहा, “विस्तृत जानकारियां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की रिपोर्ट से मिलेंगी, लेकिन यह तय है कि हमले में पाकिस्तान के ‘गैर राजकीय लोग’ संलिप्त थे। और, गैर राजकीय लोग बिना राज्य के समर्थन के बेरोकटोक काम नहीं कर सकते हैं। “
जब रक्षा मंत्री से एक सदस्य ने पूछा कि क्या पठानकोट जैसे महत्वपूर्ण वायुसेना अड्डे को सीमा क्षेत्र से दूर स्थानान्तरित कर देना चाहिए तो उन्होंने कहा, “देश में वायु सेना के कई अड्डे रणनीतिक रूप से स्थित हैं। पठानकोट भी समान रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीमा से सटा हुआ है और वहां बड़े पैमाने पर निवेश भी हो रहे हैं। इसलिए पठानकोट वायु सेना अड्डे को स्थानान्तरित करना काफी महंगा साबित होगा।”
उन्होंने सदन को भी यह भी बताया कि वायु सेना अड्डे पर हमले की खुफिया जानकारी पहले मिल गई थी।
रक्षा मंत्री ने कहा, “सामान्य लेखा परीक्षण के अलावा अब हम लोगों ने सुरक्षा लेखा परीक्षण भी किया है। सभी सैन्य प्रतिष्ठानों की समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी चल रही है।”
2 जनवरी को पठानकोट वायु सेना अड्डे पर हुए हमले में सुरक्षा बल के सात जवान शहीद हो गए थे। लगभग तीन दिन तक चली गोलीबारी में सभी छह आतंकवादी भी ढेर हो गए थे।
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