नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। रामजस कॉलेज के प्रिंसपल राजेंद्र प्रसाद गत सप्ताह यहां दो छात्र गुटों में हुई झड़प की घटना से दुखी हैं। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले सोमवार को छात्रों से एक भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मतभिन्नता का निपटारा शांतिपूर्ण तरीके से करें।
प्रसाद ने बीते बुधवार को कॉलेज में हुई झड़प को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि कॉलेज सामान्य स्थिति बहाल करने और ‘हमारे सभी लोगों की रक्षा’ के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
प्रसाद ने कहा, “कृपा शांत रहिए और किसी को भी अपने शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार को मत छीनने दीजिए।”
कॉलेज में एक सेमीनार में संबोधन के लिए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र उमर खालिद को बुलाए जाने से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों ने जबरन इसे रद्द करा दिया था, जिसके बाद वामपंथी धड़े ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) से उनकी झड़प हुई थी।
खालिद पर कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी के लिए पिछले साल देशद्रोह के आरोप लगाए थे।
रामजस के प्रिंसपल ने छात्रों के नाम अपने भावुक संबोधन में कहा, “जब रामजस की अस्मिता पर चोट पहुंचती है तो मेरा दिल रोता है। मैंने रामजस को आज इस मुकाम पर लाने के लिए 32 साल तक कड़ी मेहनत की।”
उन्होंने कहा, “कल मैं सेवानिवृत्त हो जाऊंगा। मैं बदले में कुछ भी नहीं चाहता हूं, बस इतनी ख्वाहिश है कि रामजस में हमेशा शांति बनी रहे और यह सुनहरे भविष्य के लिए प्रतिबद्ध रहे।”
प्रसाद ने कहा कि कॉलेज प्रशासन रामजस को सफलता की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहेगा।
उनकी यह अपील दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में एबीवीपी के तिरंगा मार्च के बीच आई है।
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