उन्होंने कहा कि सनातन धर्म पूरी पृथ्वी को अपना कुटुंब मानता है और सबके सुख की कामना करता है। इन्द्रेश रविवार को गोमती तट पर सनातन महासभा द्वारा आयोजित 37वीं आदि गंगा मां गोमती महाआरती कार्यक्रम में बतौर विशिष्ठि अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर सनातन धर्म और संस्कृति का विस्तार करना है।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारम्भ स्वस्तिवाचन, मंगलाचरण, शंखनाद के साथ हुआ। इस दौरान संयोजक डॉ. प्रवीण ने बताया कि आज की महाआरती में 1008 दीपों से दीपदान के साथ सनातन धर्म और संस्कृति के साथ भारत को सनातन राष्ट्र बनाने का संकल्प कराया गया।
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