वाशिंगटन/नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रमंडल वित्त मंत्रियों की बैठक में मुख्य रूप से ‘जलवायु परिवर्तन और फाइनेंसिंग जलवायु अनुकूलन और शमन का अर्थशास्त्र’ तथा ‘अंतर्राष्ट्रीय कराधान पनामा पेपर्स पर राष्ट्रमंडल वातार्लाप’ के बारे में विचार-विमर्श किया गया।
केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को वाशिंगटन स्थित आईएमएफ मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रमंडल वित्त मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता की।
जेटली की उपस्थिति में स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के मध्य राष्ट्रमंडल लघु राज्य व्यापार वित्त सुविधा के बारे में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस वित्त सुविधा से अगले तीन वर्षो के दौरान 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर का व्यापार वित्त उपलब्ध होने की उम्मीद है। बैठक के दौरान एक स्वैच्छिक योगदान के हिस्से के रूप में, भारत ने तकनीकी सहयोग के लिए राष्ट्रमंडल कोष में 1,022,100 पाउंड के योगदान का वचन दिया।
वित्तमंत्री जेटली ने ब्रिक्स आकस्मिक रिजर्व प्रबंध (सीआरए) की संचालन परिषद की बैठक की भी अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए जेटली ने यह घोषणा की कि सीआरए अब परिचालन में है और ब्रिक्स सदस्य केन्द्रीय बैंक लेन-देन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सदस्यों ने केन्द्रीय बैंकों की अनुसंधान इकाइयों के नेटवर्क की स्थापना के प्रस्ताव का स्वागत किया और कहा कि इससे ब्रिक्स सीआरए के कार्य में मदद मिलेगी।
बैठक में वित्तमंत्री ने ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों को इस महीने गोवा में आयोजित होने वाली बैठक में भाग लेने का निमंत्रण दिया।
वित्तमंत्री ने जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के साथ कार्य के दौरान रात्रि भोज में भाग लिया, इस दौरान वैश्विक दृष्टिकोण, विश्व के लिए प्रमुख जोखिमों और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं तथा लाभदायक मालिकाना मानकों के कार्यान्वयन में सुधार के लिए वित्तीय कार्रवाई कार्यबल द्वारा किए गए प्रस्तावों के बारे में मुख्य रूप से विचार-विमर्श किया गया।
जेटली ने इंग्लैंड के विदेश मंत्री, अमेरिकी वित्तमंत्री, भूटान के वित्तमंत्री, बांग्लादेश के वित्तमंत्री और जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कॉरपोरेशन (जेबीआईसी) के साथ कई द्विपक्षीय बैठकों में भाग लिया। इन सभी बैठकों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में अधिक से अधिक आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए खास तौर से ध्यान दिया गया।
फंड बैंक बैठकों से अलग आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में चक्रीय और संरचनात्मक प्रगति पर विचार-विमर्श करने के लिए मॉर्गन स्टेनली द्वारा आयोजित पैनल वार्ता में भाग लिया, जिसमें दास ने भारत द्वारा चलाए जा रहे राजकोषीय समेकन और आर्थिक सुधारों के मार्ग के बारे में जानकारी दी।
जेटली इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की वार्षिक बैठकों और विश्व बैंक और अन्य संबद्ध बैठकों में भाग लेने के लिए वाशिंगटन की सरकारी यात्रा पर हैं। उनके साथ भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास, मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. अरविंद सुब्रह्मण्यम और अन्य अधिकारी भी इस यात्रा में उनके साथ हैं।
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