नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय 15 से 25 अक्टूबर तक यहां इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) परिसर में राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव का आयोजन कर रहा है। इसका उद्देश्य हस्तशिल्प, भोजन, चित्रकला, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, प्रलेखन और लोककला आदिवासी और समकालीन अभिव्यक्ति का एक ही स्थान पर प्रदर्शन करना है।
यहां जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस महोत्सव की कल्पना वर्ष 2015 में संस्कृति मंत्रालय द्वारा की गई थी। मंत्रालय के सभी सात क्षेत्रीय केन्द्रों को दिल्ली और देश के विभिन्न शहरों में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के नारे के बैनर तले यह महोत्सव आयोजित करने का कार्य सौंपा गया है।
बयान के अनुसार, देश के सभी सात सांस्कृतिक केन्द्रों के साथ-साथ अकादमियों और आईजीएनसीए द्वारा एक शिल्प हॉट बनाई जाएगी, जिसमें बनाए जाने वाले मंडपों को आंगन कहा जाता है। कुशल और दक्ष कारीगरों द्वारा अपने शिल्प के आधार पर बर्तन बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जाएगा। आंगनों को दक्ष और परंपरागत चित्रकारों तथा मूर्तिकारों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रीय केन्द्रों की शैली में सजाया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि महोत्सव के दौरान दो छायाचित्र प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। पहली प्रदर्शनी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के स्थानों की बरबरता पर आधारित है। दूसरी प्रदर्शनी हाल ही में समाप्त सिंहस्थ कुम्भ मेले पर आधारित होगी, जिसमें राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना में इसके महत्व के साथ-साथ इसकी भव्यता और वैभव का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
बयान के अनुसार, महोत्सव में एक फूड कोर्ट भी होगा, जिसमें देश के विभिन्न भागों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद आगंतुक ले सकेंगे। मुक्त आकाश के नीचे एक भव्य मंच भी बनाया जाएगा, जहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कलाकार शाम छह बजे से रात 10 बजे तक अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
बयान में कहा गया है कि शिल्प हॉट क्षेत्र में एक सहायक मंच भी बनाया जाएगा, जिसमें शहर के विद्यार्थी और सांस्कृतिक समूह अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इस मंच पर मुझे भी कुछ कहना है, नामक कार्यक्रम प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें कलाकारों को अपनी प्रतिभा का बड़ी संख्या में दर्शकों के सामने प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
dharmpath.com dharmpath