नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग तथा जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि जर्मनी सभी भारतीय बंदरगाहों में रेल संपर्क सुधारने से संबंधित परियोजनाओं में सहयोग के लिए तैयार है।
गडकरी ने कहा कि दोनों देश भारतीय पोर्ट रेल निगम लिमिटेड (आईपीआरसीएल) द्वारा कार्यान्वित की जा रही एक लाख करोड़ रुपये की परियोजना पर मिलकर काम करेंगे।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, गडकरी ने जर्मनी के आधारभूत संरचना मंत्री अलेक्जेंडर डॉबरिन्डट और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ शुक्रवार को नई दिल्ली में इस तरह के सहयोग के तौर-तरीकों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर जहाजरानी सचिव राजीव कुमार, सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव संजय मित्रा और दोनों मंत्रालयों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बयान में कहा गया है कि यह बैठक इस वर्ष के प्रारंभ में संपन्न समुद्री भारत शिखर सम्मेलन (मैरीटाइम इंडिया समिट) के दौरान भारतीय पोर्ट रेल निगम लिमिटेड (आईपीआरसीएल) और जर्मन रेल डॉयचे बान (डीबी) के बीच भारतीय बंदरगाहों की रेल बंदरगाह संपर्क और बंदरगाह पर रेल सुविधाओं के आधुनिकीकरण में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की पृष्ठभूमि में हो रही है।
बयान में कहा गया है कि बंदरगाहों से माल की कुशल निकासी और साथ ही लागत घटाने के लिए बंदरगाहों को रेल से जोड़ना अत्यावश्यक है। भारतीय पोर्ट रेल निगम लिमिटेड (आईपीआरसीएल) को विशेष रूप से इस क्षेत्र में काम करने के लिए ही स्थापित किया गया है।
बयान के अनुसार, बैठक में आईपीआरसीएल और डीबी के प्रतिनिधियों का एक समूह बनाया गया, जिनका उद्देश्य संभावित परियोजनाओं और सहयोग हेतु क्षेत्रों की पहचान करना और साथ ही लागत प्रभावी नई रेल प्रौद्योगिकियों को लागू करने के लिए पहचान कर उस दिशा में काम करना भी है। इससे बंदरगाह रेल संपर्क परियोजनाओं के लिए विदेशी निवेश तथा लागत प्रभावी, पर्यावरण के अनुकूल, अभिनव प्रौद्योगिकी लाने में भी मदद मिलेगी।
गडकरी ने कहा, “जर्मनी को अंतर्देशीय जलमार्ग के विकास तथा नौकाओं के निर्माण में भी सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया गया है। परिवहन क्षेत्र में, भारत में वाहनों को डंप (समाप्त) करने की क्षमता के विकास के लिए सहयोग करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पुराने वाहनों को समाप्त करने के लिए पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी साझा करने तथा इससे उत्पन्न अपशिष्ट के प्रसंस्करण के तरीके के लिए भी जर्मनी को आमंत्रित किया गया है।”
गडकरी ने विश्वास और आशा व्यक्त की है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग में और तेजी आएगी।
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