नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। लोकसभा में गुरुवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर उस वक्त फिर शुरू हो गया, जब दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ तख्तियां लहराईं। हंगामे के बीच अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर तक, फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
संसद के मानसून सत्र के शुरुआती दो दिन हंगामे की भेंट चढ़ गए। इसकी वजह आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी रिश्ते को लेकर उनके इस्तीफे की मांग है। विपक्ष व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की भी मांग कर रहा है।
सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तकरार गुरुवार को उस वक्त तेज हो गई, जब भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ फेसबुक पर उनके बयान को लेकर विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया।
सदन की कार्यवाही दोपहर को दोबारा शुरू होने के बाद कांग्रेस तथा अन्य पार्टी के सदस्य भाजपा नेताओं के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग करने लगे।
कांग्रेस के कई सदस्य अध्यक्ष की आसंदी के पास जमा हो गए तथा तख्तियां लहराईं, तख्तियों में सुषमा के इस्तीफे की मांग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ को लेकर सवाल किया गया था।
सत्तापक्ष के सदस्यों से भी रहा नहीं गया। अपने विपक्ष में होने के दिनों को याद करते हुए वे भी अपनी सीट से उठकर सदन के बीचोबीच खड़े हो गए और कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए तख्तियां दिखाने लगे।
वहीं, संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा से कहा कि वह आसंदी के नजदीक भाजपा सदस्यों को भी खड़े होने का स्थान दें।
भाजपा सदस्य कुछ देर तक वहां खड़े रहे, लेकिन गृहमंत्री राजनाथ सिंह के निर्देश पर अपनी सीट पर आकर बैठ गए मगर तख्तियां लहराना जारी रखा।
इन नाटकीय दृश्यों के बीच ही भाजपा के प्रहलाद जोशी ने वाड्रा के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया।
अध्यक्ष ने सांसदों से तख्तियां न लहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो सदस्य बोलना चाहते हैं, वे बोल सकते हैं, लेकिन कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी।
अध्यक्ष ने कहा, “अगर आप सदन को नहीं चलने देना चाहते हैं तो मैं कार्यवाही स्थगित कर दूंगी।” इसके साथ ही उन्होंने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
इसके बाद जोशी ने आईएएनएस को बताया कि उन्होंने वाड्रा के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव पेश किया है।
जोशी ने कहा, “अपने फेसबुक पोस्ट पर उन्होंने संसद की छवि का अपमान किया है। इस वजह से मैं उनके खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लेकर आया हूं।”
इससे पहले सदन की कार्यवाही व्यापमं तथा ललित प्रकरण को लेकर कांग्रेस के हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के 10 मिनट के अंदर विपक्षी पार्टियों ने तख्तियां लहरानी शुरू कर दी थीं।
कार्यवाही के दौरान कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा सदस्यों की तरफ से पेश किए गए विशेषाधिकार नोटिस का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार हताशा में यह कदम उठा रही है।
इसके बाद अध्यक्ष ने कहा कि वह सर्वदलीय बैठक बुलाएंगी। उन्होंने तख्तियां लहराए जाने पर अपनी नाखुशी जाहिर की।
उन्होंने कहा, “बिना चर्चा के सदन नहीं चल सकता। मुद्दों को सुलझाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी।”
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