नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान ने मंगलवार को मांग की कि उनके द्वारा संसद की सुरक्षा के कथित उल्लंघन की जांच कर रही समिति के समक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बुलाया जाए।
मान ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों को पठानकोट वायुसेना अड्डे में प्रवेश की अनुमति देने का फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन है।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को लिखे पत्र में आप नेता ने पूछा कि आईएसआई अधिकारियों को पठानकोट वायुसेना अड्डे के दौरे की अनुमति देने के मोदी सरकार के फैसले से ‘क्या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न नहीं हुआ है?’
भगवंत मान द्वारा संसद की सुरक्षा के कथित उल्लंघन की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ने नौ सदस्यीय समिति गठित की है। इसके समक्ष उपस्थित होने के लिए मान ने सोमवार को तीन दिनों का समय मांगा था।
समिति मान द्वारा संसद के अंदर और बाहर बनाए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के सुरक्षा निहितार्थ और संबंधित पहलुओं की जांच करेगी। वीडियो में विभिन्न सुरक्षा चौकियों से गुजरते हुए संसद भवन में मान के प्रवेश तक की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिग है।
लोकसभा अध्यक्ष को मंगलवार को लिखे पत्र में मान ने कहा कि अगर उनके द्वारा निर्मित वीडियो से संसद की सुरक्षा को कोई खतरा उत्पन्न हुआ है तो समिति जांच करेगी।
इस साल 2 जनवरी को पठानकोट में हुए आतंकी हमले की जांच के लिए मार्च में पाकिस्तानी टीम के दौरे का उल्लेख करते हुए मान ने आरोप लगाया, “साल 2001 में आईएसआई (इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस) ने संसद पर हमले किए। साल 2016 में उसी आईएसआई ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले कराए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईएसआई को पठानकोट आने का निमंत्रण दिया।”
मान ने आरोप लगाया कि दौरे के दौरान आईएसआई ने प्रमुख वायुसेना अड्डे का मानचित्र तैयार किया था।
सरकार ने कहा था कि पाकिस्तानी टीम को वायुसेना अड्डे के संचालन क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। उन्हें केवल पृथक अपराध स्थल तक जाने दिया गया था।
भारत ने हमले के लिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को दोषी ठहराया है और पाकिस्तान को इसके सबूत दिए हैं।
मान ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से जांच समिति के विचारार्थ विषय के विस्तार का आग्रह किया है।
आप सांसद ने कहा कि अगर वह दोषी हैं तो प्रधानमंत्री सौ गुना अधिक दोषी हैं। प्रधानमंत्री को भी समिति के समक्ष बुलाया जाना चाहिए।
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