नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। पंजाब के गुरदासपुर में सोमवार हो हुए आतंकवादी हमले की गूंज लोकसभा में भी सुनी गई। सरकार ने कहा कि गृह मंत्रालय दीनानगर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच जारी मुठभेड़ समाप्त होने के बाद सदन में बयान देगी।
सोमवार को संक्षिप्त अवकाश के बाद अपराह्न् में जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, तो संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने सदन में कहा, “मुठभेड़ समाप्त होने के बाद गृह मंत्रालय मामले पर बयान देगा। हम अध्यक्ष महोदया से इसके लिए गृह मंत्री को अनुमति देने का अनुरोध करते हैं। हम सदन को विश्वास में लेना चाहते हैं।”
नायडू ने सदन में ललित मोदी प्रकरण एवं व्यापमं घोटाले के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच यह बयान दिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल के सदस्यों सहित कई सदस्यों ने गुरदासपुर आतंकवादी हमले को राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला बताते हुए इस पर चर्चा कराने की मांग की।
शिरोमणि अकाली दल के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने शून्य काल के दौरान मुद्दा सदन में उठाया और कहा, “यह देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।”
भाजपा के एस. एस. अहलूवालिया ने कहा, “मैं चाहता हूं कि सरकार इस मामले पर बयान दे। साथ ही सदन में इस मसले पर चर्चा हो और प्रस्ताव पारित किया जाए।”
उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है। इस पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।”
बीजू जनता दल (बीजद) के तथागत सतपति ने कहा, “यह एक गंभीर मसला है। इस घटना से पता चलता है कि भारत आतंकवादी हमले के खतरे की जद में है। यह वक्त सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए एकजुट होने का है। भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा होना होगा।”
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एम. सलीम ने कहा, “यह निंदनीय घटना है। सवाल उस राजनीति का है, जो पंजाब और जम्मू एवं कश्मीर में हो रही है। सरकार को हमें यह बताना चाहिए।”
नायडू ने कहा कि आतंकवादी हमला एक गंभीर मुद्दा है और सरकार इस पर पंजाब सरकार से बात कर रही है। मुठभेड़ समाप्त होते ही सरकार जल्द से जल्द इस मसले पर सदन में बयान देगी।
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