नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। लोकसभा में गुरुवार को काराधान कानून (संशोधन) विधेयक पारित हो गया।
विधेयक सीमा शुल्क अधिनियम 1962, सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम 1975, केंद्रीय उत्पाद अधिनियम 1944, वित्त अधिनियम 2001, वित्त अधिनियम 2005 में संशोधन तथा कुछ कानून निरस्त करने के लिए पारित किया गया।
विधेयक केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने पेश किया।
गंगवार ने कहा, “सदन ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित चार विधेयक पारित किए।”
गंगवार ने कहा, “सदन ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित चार विधेयक पारित किए हैं।”
मंत्री ने कहा, “संसद द्वारा जीएसटी विधेयक पारित होने के बाद केंद्रीय उत्पाद कर कुछ ही उत्पादों तक सीमित रह जाएगा। यही कारण है कि कराधान कानून में संशोधन जरूरी हो गया था।”
उन्होंने कहा, “सरकार आगामी एक जुलाई से नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।”
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने विधेयक के संबंध में कुछ मुद्दे उठाए और मंत्री से इसपर स्पष्टीकरण की मांग की।
सीमा शुल्क अधिनियम के संशोधन के तहत गोदामों को भी सीमा शुल्क के दायरे में शामिल करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी आयातकर्ता को अपने माल को सीमा शुल्क केंद्र से गोदामों तक ले जाते वक्त प्रस्तावित एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर न देने की जरूरत पड़े।
सीमा शुल्क टैरिफ अधिनियम संशोधन का उद्देश्य आयातित वस्तुओं पर एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर मुआवजा उपकर लगाना है।
वित्तीय अधिनियम 2001 में संशोधन का उद्देश्य केवल तंबाकू व कच्चे तेल पर लेवी लगाना है।
विधेयक का उद्देश्य चीनी उपकर अधिनियम 1982 तथा जूट निर्माण उपकर अधिनियम 1983 जैसे कानूनों को निरस्त करना है।
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