बाबरी विध्वंस : आडवाणी, जोशी के खिलाफ फिर चल सकता है मुकदमा

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर आदेश को सुरक्षित रख लिया, जिसमें सन् 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के आठ वरिष्ठ नेताओं पर आपराधिक षड्यंत्र के आरोप के तहत मुकदमे को फिर से शुरू करने की मांग की गई है। न्यायालय के इस कदम से यह संकेत गया है कि वह मुकदमे को रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर सकता है।

मामले के 25 वर्षो से लंबित रहने के मद्देनजर, न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष तथा न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन की पीठ ने कहा कि मामले को लखनऊ स्थानांतरित करने के लिए वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत असामान्य शक्तियों का इस्तेमाल करेगा।

न्यायालय ने यह भी संकेत दिया कि सुनवाई समयबद्ध तरीके से रोजाना आधार पर होगी और दो वर्षो के भीतर समाप्त हो जाएगी, क्योंकि उसने सभी पक्षों से मंगलवार (11 अप्रैल) तक लिखित प्रतिवेदन दाखिल करने को कहा है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा मई 2010 में भाजपा तथा विहिप के आठ वरिष्ठ नेताओं को साजिश के आरोपों से मुक्त करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था।

बाबरी मस्जिद के विवादित ढांचे को गिराये जाने से पहले रामकथा कुंज के चबूतरे से भाषण देने को लेकर आडवाणी तथा जोशी के साथ उमा भारती व विनय कटियार (सभी भाजपा), साध्वी ऋतंभरा, आचार्य गिरिराज किशोर, अशोक सिंघल तथा विष्णु हरि डालमिया (विहिप) मुकदमे का सामना कर रहे हैं।

जहां से भाषण दिया गया वह जगह विवादित ढांचे से मात्र 200 मीटर की दूरी पर था।

किशोर तथा सिंघल का निधन हो चुका है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493