कोलकाता, 3 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक स्मार्टफोन एप विकसित किया है, जो वर्णाध तथा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को प्रयोगशाला में प्रयोग के दौरान रंगों के बदलाव को पहचानने में मदद करेगा, जिससे वे प्रयोगशाला में स्वतंत्रतापूर्वक अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे।
कोलकाता स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के वैज्ञानिक सुभाजित बंदोपाध्याय तथा बलराज बी.राठौड़ ने कहा कि एप का नाम ‘टाइट्रेशन कलरकैम’ है, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी तथा गणित (एसटीईएम) में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की सहायता के लिए जारी प्रयास का हिस्सा है।
यह टाइट्रेशन प्रयोग में रंगों में बदलाव को लेकर बहु-संवेदी धारणा प्रदान करता है, जिसमें अज्ञात मिश्रण की सांद्रता का पता लगाने के लिए एक ज्ञात सांद्रता वाले मिश्रण का इस्तेमाल किया जाता है।
बंदोपाध्याय ने आईएएनएस से कहा कि एप की डिजाइन तथा उसका विकास रसायन की प्रयोगशालाओं में वर्णाध विद्यार्थियों को पेश आनी वाली दिक्कतों पर केंद्रित है।
उन्होंने कहा, “एप के इस्तेमाल के लिए एप की कार्यविधि का पालन तथा प्रयोगशाला प्रशिक्षण द्वारा वर्णाध विद्यार्थी आसानी से और स्वतंत्रता पूर्वक प्रयोग को अंजाम दे सकते हैं।”
इस एप को गूगल प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।
यह अध्ययन जून में पत्रिका ‘केमिकल एजुकेशन’ में प्रकाशित हुआ है।
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