वाराणसी, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस स्थित कचहरी में शनिवार सुबह पुलिस ने कागज में लिपटा एक हैंडग्रेनेड बरामद किया। इस घटना के बाद पूरी कचहरी परिसर को खाली कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
हैंडग्रेनेड बरामद होने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर समेत एयरपोर्ट और पूरे शहर की तलाशी शुरू हो गई और अलर्ट जारी कर दिया गया।
कचहरी में शनिवार को अधिवक्ताओं, लोगों की भारी भीड़ थी। परिसर में बम होने की जानकारी जैसे-जैसे लोगों तक पहुंची अफरातफरी मच गई। तमाम अधिवक्ता व वादकारी कचहरी परिसर से बाहर निकल गए। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आकाश कुलहरी मौके पर पहुंचे। एटीएस व आईबी की टीम भी पहुंच गई। पूरा कचहरी परिसर खाली कराया गया।
कचहरी परिसर की दो घंटे तक सघन जांच की गई। बाद में एसएसपी के निर्देश पर पूरे शहर में हाईअलर्ट घोषित कर दिया गया। अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की भी सघन तलाशी ली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, सीओ (कैंट) राजकुमार यादव के नेतृत्व में कचहरी परिसर में तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। साथ में डॉग स्क्वायड भी था। अचानक अदालत के पीछे गुमटी के पास जांच दस्ते के हैंड डिटेक्टर को संदिग्ध वस्तु होने का संकेत मिला।
जांच टीम ने गुमटी के नीचे कागज में लपेटकर रखी वस्तु के सामने ज्योंही हैंड डिटेक्टर को लगाया, विस्फोटक होने का संकेत मिलते ही टीम सतर्क हो गई। तत्काल एसएसपी को सूचना दी गई। उधर से गुजर रहे लोगों को भी रोक दिया गया।
हैंडग्रेनेड मिलते ही सेंट्रल बार एवं बनारस बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी अधिवक्ताओं से परिसर खाली करने की अपील की। बाद में दो घंटे तक परिसर की सघन तलाशी इस आशंका से कराई गई कि कहीं कुछ और ग्रेनेड तो नहीं रखे हैं।
कचहरी परिसर में बम की सूचना के बाद जिला जज ने सभी कोर्ट रूम को तत्काल खाली करने का निर्देश दिया। साथ ही शनिवार को जिन मुकदमों की सुनवाई होनी थी, उन पर सोमवार यानी 25 अप्रैल की तारीख डाल दी गई।
बनारस के आयुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने हैंडग्रेनेड बरामद करने वाली टीम को 12 हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि टीम की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
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