नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सरकार ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान अकादमियों में महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व को प्रोत्साहन देने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने लोकसभा में कहा कि हाल के समय में महिलाओं की उच्च विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में भागीदारी में विशेष तौर पर सुधार आया है। इसके लिए सरकार ने ‘नॉलेज इन्वाल्वमेंट इन रिसर्च एडवांसमेंट थ्रू नरचरिंग’ (केआईआरएएन-किरन) नाम की नई योजना की शुरुआत भी की है।
प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने सदस्यों को बताया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के मुताबिक देश के विश्वविद्यालयों में परास्नातक की पढ़ाई करने वालों में 51 फीसदी छात्राएं और 49 फीसदी छात्र हैं।
सरकार विज्ञान की पढ़ाई कर चुकी उन महिलाओं को भी मदद दे रही है जिन्होंने अपनी मूल शिक्षा तो पूरी कर ली है, लेकिन आज अपने घरों में हैं।
कुछ महिला वैज्ञानिकों को 55,000 रुपये प्रति माह की परिलब्धियां मुहैया कराईं गईं हैं। सक्षम छात्राओं को शोध के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसके अलावा सरकार ने ‘गतिशील योजना’ की शुरुआत की है। इसके तहत विज्ञान की छात्राओं को परिवार के दबाव और अन्य वजहों से दिक्कत होने पर मदद दी जाएगी।
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