पणजी, 1 जून (आईएएनएस)। निर्वासन के लिए इंतजार कर रहे विदेशी नागरिकों के लिए एक अलग बंदीगृह बनाने हेतु गोवा सरकार जमीन चिन्हित करने में लगी हुई है।
मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर ने बुधवार को संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वासित होने वाले विदेशियों के लिए बंदीगृह बनाने हेतु जमीन की तलाश जारी है।
विदित हो कि इससे पहले नाइजीरियाई नागरिकों के बारे में पारसेकर ने टिप्पणी की थी, जिससे एक विवाद खड़ा हो गया है।
भारतीय कानून के तहत जब तक कानूनी मामले का फैसला नहीं हो जाता है, तब तक किसी विदेशी नागरिक को निर्वासित नहीं किया जा सकता है।
गोवा के पर्यटन मंत्री दिलीप पारुलेकर ने सोमवार को कहा था कि नाइजीरियाई नागरिक कानून का लाभ उठाकर पहले आपराधिक मामलों में उलझते हैं और भारत में अपना प्रवास बढ़ा लेते हैं।
अलग बंदीगृह से राज्य के अधिकारी निर्वासित होने वालों को रखने में सक्षम हो जाएंगे और निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक उन पर नियंत्रण रखना भी सुनिश्चित हो जाएगा।
अलग बंदीगृह की प्रक्रिया गोवा सरकार ने कुछ साल पहले शुरू की थी। स्थानीय ड्रग माफिया द्वारा अपने एक साथी की हत्या के विरोध में नाइजीरियाई नागरिकों की भीड़ ने गोवा में राष्ट्रीय राज मार्ग संख्या 17 पर जाम लगा दिया था।
इस घटना के बाद गोवा सरकार हरकत में आई थी और अलग बंदीगृह बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी।
जाम के दौरान हुई झड़प में कई पुलिसकर्मी, स्थानीय लोग और नाइजीरियाई नागरिक भी घायल हुए थे।
केवल 2012 में फर्जी वीजा के आधार पर भारत में अपना प्रवास बढ़ाने वाले अफ्रीकी देशों -सुडान, नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका- के करीब 40 लोग उत्तरी गोवा जिले में गिरफ्तार किए गए थे।
पारसेकर ने सोमवार को कहा था कि गोवावासी नाइजीरियाई लोगों के व्यववहार, जीवनशैली और मनोवृत्ति से बेहद नाराज हैं और इनके बारे में उन्हें अनेक शिकायतें मिली हैं।
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