नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। विभिन्न देशों के बीच सूचना के स्वत:स्फूर्त आदान-प्रदान की व्यवस्था लागू हो जाने से कर दाताओं के लिए विदेश में जमा रखी गई संपूर्ण संपत्ति की घोषणा करना बेहतर होगा। यह बात गुरुवार को वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने कही।
सूचना के स्वत:स्फूर्त आदान-प्रदान (एईओआई) समूह की दो दिवसीय छठी बैठक में यहां सिन्हा ने कहा कि अब विदेश में जमा संपत्ति की घोषणा नहीं करना जोखिम भरा है, क्योंकि कर सूचनाओं का वैश्विक आदान-प्रदान अब सक्रियता से लागू हो गया है।
मंत्री ने कहा कि 2017 से सूचनाओं के स्वत:स्फूर्त आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी व्यवस्था लागू हो जाएगी।
एईओआई समूह की स्थापना जी20 देशों के सितंबर 2013 को जारी घोषणा पत्र के बाद हुई। घोषणापत्र में काले धन से निजात पाने के लिए सूचनाओं के स्वत:स्फूर्त आदान-प्रदान पर नई वैश्विक व्यवस्था के कार्यान्वयन की निगरानी और समीक्षा के लिए एक प्रणाली स्थापित करने की बात की गई थी।
भारत इस समूह का सदस्य है और अभी यह उपाध्यक्ष भी है।
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