नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। देश की राजधानी में चल रहे विश्व पुस्तक मेले के चौथे दिन राजकमल प्रकाशन के स्टॉल पर अल्पना मिश्र ने अपनी किताब ‘स्याही में सुर्खाब के पंख’ के एक अंश का पाठ किया। इससे पहले ‘यादों के आईने में’ किताब के लेखक उजैर ई. रहमान से आर.जे. सायमा ने पाठकों के सामने बातचीत की।
रहमान ने अपनी किताब से कुछ गजलों और नज्मों का पाठ अपनी मधुर आवाज में कर लोगों को मंत्रमुग्ध भी किया।
वहीं अल्पना मिश्र ने अपनी कहानियों के संग्रह ‘स्याही में सुर्खाब के पंख’ से एक कहानी का पाठ किया। इस संग्रह में शामिल अन्य कहानियां हैं- ‘कत्थई नीली धारियों वाली कमीज’, ‘चीन्हा-अनचीन्हा’, ‘सुनयना! तेरे नैन बड़े बेचैन’, ‘राग-विराग’, ‘इन दिनों’ और ‘नीड़’।
अल्पना मिश्र की कथा-क्षमता विवरण-बहुलता में वास्तविकता के और-और करीब जाने की कोशिश में दिखाई देती है, जिसमें वे एक कुशल शिल्पी की तरह सफल होती हैं।
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