नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। भारत ने वर्ल्ड चाइल्डहुड इंडेक्स में अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, लेकिन वैश्विक बाल अधिकार समूह सेव द चिल्ड्रेन द्वारा 175 देशों की सूची में देश 113वें स्थान पर पहुंच गया है। 2017 में भारत इस सूची में 116वें स्थान पर था।
गुरुवार को जारी हुई रिपोर्ट में बाल विवाह दर में कमी के लिए भारत की उपलब्धि की सराहना की गई। बाल विवाह सूचकांक में बेहतर स्थान पाने में योगदान करने वाला एक प्रमुख कारक था।
भारत की जनगणना के अनुसार, इसमें यह कहा गया है हालांकि पोषण, शिशु मृत्युदर और बालश्रम देश में गंभीर चिंता का विषय बना रहा है। देश में वर्ष 2016 में नवजात मृत्युदर प्रति 1000 जीवित जन्मे नवजातों में पांच मृत नवजात की थी।
सेव द चिल्ड्रेन इंडिया की सीईओ विदिशा पिल्लई ने कहा, “बाल विवाह में कमी के माध्यम से भारत की प्रगति सूचक को देखकर हमें काफी खुशी है। हालांकि भारत में 30 फीसदी लड़कियों का विवाह अभी भी 18 साल की उम्र से कम में हो जाता है।”
उन्होंने कहा, “देश में अभी भी कई बच्चे एक लड़की या गरीब होने के कारण सुविधाओं से वंचित हैं। जल्दी विवाह, बाल मजदूरी और कुपोषण कुछ एसी वजह हैं, जिनके कारण बच्चे अपने बचपन से वंचित रह जाते हैं।”
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