नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल करप्शन पर्सेप्शन इंडेक्स-2015 में भारत बेहतर रैंकिंग के साथ 76वें स्थान पर चला आया है, जबकि 2014 में यह 85वें और 2013 में यह 94वें स्थान पर था।
इंडेक्स में 168 देशों को भ्रष्टाचार के स्तर के आधार पर सूचीबद्ध किया गया है, सूची में देश का स्थान ऊपर रहने का मतलब कम भ्रष्टाचार और नीचे रहने का मतलब अधिक भ्रष्टाचार है।
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में कहा गया है कि यद्यपि दुनियाभर में भ्रष्टाचार अब भी काफी अधिक है, फिर भी 2015 के सर्वेक्षण में अधिकतर देशों में इसके विरुद्ध अभियान शुरू हुए।
सर्वेक्षण में प्रत्येक देश को शून्य से 100 के पैमाने पर अंक दिया गया है। अंक शून्य के नजदीक होने का मतलब है कि देश में भ्रष्टाचार अधिक है, जबकि अंक के 100 की तरफ होने का मतलब है कि देश में भ्रष्टाचार कम है।
2015 में 168 में से दो-तिहाई देशों को 50 से कम अंक मिले।
संस्थान के अध्यक्ष जोस उगाज ने बयान में कहा, “भ्रष्टाचार का दुनियाभर में बोलबाला है। 2015 में हालांकि लोगों ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान चलाए।”
डेनमार्क को सर्वाधिक 91 अंक मिले और उत्तर कोरिया तथा सोमालिया को सबसे कम आठ अंक (प्रत्येक) मिले।
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