शत्रुघ्न पर विजयवर्गीय का बयान ठीक नहीं : उमा

नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी भाजपा की नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पार्टी सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बयान को अनुचित बताया है।

नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी भाजपा की नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पार्टी सांसद और फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के बारे में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बयान को अनुचित बताया है।

उमा ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में यह माना कि विजयवर्गीय ने जो बातें सिन्हा के बारे में कही, वह ठीक नहीं थी। लेकिन उमा ने यह भी कहा कि विजयवर्गीय शायद कोई कहावत कह रहे थे।

दरअसल विजयवर्गीय ने शत्रुघ्न की तुलना गाड़ी के नीचे चलने वाले कुत्ते से की थी।

उमा ने कहा, “मैं शत्रुघ्न सिन्हा जी का बहुत सम्मान करती हूं और वह बधाई देने के लिए लालू जी और नीतीश जी के पास चले गए थे। उसमें कोई बुराई नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री जी ने भी बधाई दी है नीतीश कुमार जी को जीत की। लेकिन पूरे चुनाव के दौरान जो बयानबाजी हुई है शत्रुघ्न सिन्हा जी की, वह बिल्कुल इरादतन हुई है। मान लीजिए कोई व्यक्तिगत नाराजगी थी भी तो यह तो वही पार्टी है, जिसने उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया, लोकसभा चुनाव लड़ाया, उनका सम्मान किया। लेकिन आपने देखा होगा कि पूरे बिहार चुनाव के दौरान पुरस्कार वापसी, गोमांस के मुद्दे को जिस तरह से उछाला गया, उसमें शत्रुघ्न सिन्हा जी के बयान, मुझे लगता है कि एक गहरी साजिश है।”

साजिश के बारे में पूछने पर उमा ने कहा, “देश में दो तरह के लोग हैं। वामपंथी और समाजवादी विचारधारा के लोग तो बुरी तरह मार खा चुके हैं, क्योंकि लालू, नीतीश और मुलायम सिंह तो दावा कर नहीं सकते कि ये समाजवादी विचारधारा के सच्चे अनुयायी हैं। वामपंथी भी बुरी तरह पिट चुके हैं। कांग्रेस के पास कोई विचारधारा नहीं है। विचारधारा विहीन कांग्रेस और वे लोग जो कुछ सोचना चाहते हैं, लेकिन उन्हें देश ने बिल्कुल अस्वीकार कर दिया है, ये लोग मिल गए हैं। उनका प्रभाव मीडिया पर, इंटेलिजेंसिया पर एकेडमिया पर है। इन्होंने अपने पूरे नेटवर्क का इस्तेमाल और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे लोग इस साजिश का गैर-इरादतन हिस्सा बने या इरादतन हिस्सा बने यह मुझे नहीं मालूम।”

उमा ने कहा, “यह कोई बात हुई साहब कि हमें बिहार में चुनाव प्रचार में नहीं पूछा तो हम नुकसान कर देंगे। यह कहावत तो ऐसे ही हुई जैसे कि कोई कहे कि भईया भले ही मर गए, लेकिन भाभी के नखरे तो चले गए। अरे ये तो देखो की भईया मर गए कि नहीं मर गए उसके बदले में क्या?”

उमा ने कहा, “जिन्होंने बिहार में भाजपा की हार का जश्न बनाया, जिनके चेहरे पर खुशी दिख रही है, और जिन लोगों ने इसमें योगदान दिया है, लालूजी-नीतीशजी-राहुलजी के अलावा बहुत से लोग हैं, जिनका इरादा था, जो खुद को देश का चिंतक वर्ग मानते हैं कि किसी प्रकार से हमें मोदी को नुकसान पहुंचाना है, यह सोच बहुत खतरनाक है।”

यह पूछने पर कि क्या पार्टी के अंदर ऐसे लोग हैं, उमा ने कहा, “पार्टी के वरिष्टजन बिहार की हार की समीक्षा कर रहे हैं। लेकिन हां देश में ऐसे लोग मौजूद हैं, जो देश को नीचा दिखाना पसंद करते हैं, देश की हंसी उड़वाना पसंद करते हैं, उनके कलेजे में ठंडक ही तब पड़ती है, जब देश की छवि दुनिया में खराब हो जाए। इसमें कांग्रेस के भी नेता हैं, वामपंथी सोच के लोग हैं, इसमें समाजवादी सोच के लोग हैं। इसलिए यह एक खौफनाक साजिश थी, जिसका दुष्परिणाम बिहार में देखने को मिला है।”

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493