शहाबुद्दीन की जमानत रद्द होने से बिहार की सियासत गर्म

पटना, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द किए जाने के फैसले को लेकर बिहार की सियासत गर्म हो गई है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर विपक्ष जहां नीतीश सरकार पर निशाना साध रहा है, वहीं सत्ताधारी दल इसे अदालती कार्रवाई बता रहा है।

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि इस मामले में बिहार सरकार बेनकाब हो गई है।

उन्होंने कहा, “अगर नीतीश कुमार सच में सुशासन चाहते हैं तो शहाबुद्दीन को बिहार के बाहर जेल में शिफ्ट करने और उस पर बिहार से बाहर ही मुकदमा चलाने का आग्रह सर्वोच्च न्यायालय से करें।”

मोदी ने राजद पर निशाना साधाते हुए कहा कि सुशासन का झूठा राग अलापने वाली राजद ने शहाबुद्दीन को पार्टी से बाहर तक नहीं किया है।

इधर, राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि शहाबुद्दीन को लेकर भाजपा बेकार का हायतौबा मचा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव हारने के बाद भजपा बेचैनी में है।

उन्होंने कहा, “किसी अदालत ने ही पूर्व सांसद को जमानत दी थी और फिर अदालत ने ही जमानत रद्द की है। अदालत के किसी फैसले का राजद सम्मान करती है। यही कारण है कि अदालत का फैसला आने के तुरंत बाद शहाबुद्दीन ने अदालत के सामने समर्पण कर दिया।”

इस बीच जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, “बिहार में कानून की सरकार है। सरकार न किसी को बचाती है और न किसी को फंसाती है। सरकार कानून का पालन करती है।”

जन अधिकार पार्टी के प्रमुख और सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सांसद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द होने के मामले पर कहा कि पार्टी अदालत के फैसले का सम्मान करती है।

उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद और नीतीश कुमार को यह बताना चाहिए कि शहाबुद्दीन के अलावा और कितने ‘हिस्ट्रीशीटर’ बिहार में हैं।”

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को सीवान में चर्चित तेजाब हत्याकांड में दो भाइयों की हत्या के चश्मदीद गवाह राजीव रोशन की हत्या मामले में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की जमानत रद्द कर दी है।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493