श्री श्री रविशंकर से इंटरनेट पर सीखें सुदर्शन क्रिया

खटीमा (उत्तराखण्ड), 13 अगस्त (आईएएनएस)। आध्यात्मिक व योग गुरु श्री श्री रविशंकर की सुदर्शन क्रिया का तीन दिवसीय आयोजन आर्ट आफ लिविंग द्वारा 19 अगस्त से किया जाएगा। श्री श्री रविशंकर स्वयं 19 से 21 अगस्त तक इंटरनेट के माध्यम से यह क्रिया सिखाएंगे।

आर्ट आफ लिविंग के योग प्रशिक्षक निशाग्र बिस्ला ने आज यहां संवाददाताओं को बताया कि बेंगलुरू स्थित अखिल भारतीय मानसिक न्यूरो विज्ञान संस्थान (निमहान्स) तथा नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) सहित विश्व के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा सुदर्शन क्रिया पर किए गए विस्तृप्त अनुसंधानों के बाद तनाव मुक्त जीवन जीने हेतु विख्यात हो चुकी इस क्रिया को संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर स्वयं 19 से 21 अगस्त तक इन्टरनेट के माध्यम से सिखाएंगे।

विभिन्न निर्धारित स्थानों पर होने वाले इस अनूठे आयोजन में आर्ट आफ लिविंग के शिक्षक और स्वयं सेवक लोगों की सहायता हेतु मौजूद रहेंगे। इसके अतिरिक्त आर्ट आफ लिविंग के अंर्तराष्ट्रीय आश्रम बेंगलुरू में भी तीन हजार प्रतिभागी भाग लेंगे।

पिछले 35 वर्षो से विश्व में करोड़ों लोगों द्वारा आजमाई जा चुकी सुदर्शन क्रिया के बारे में श्री श्री रवि शंकर का कहना है कि मनुष्य में ऊर्जा व समय की कमी के बीच लक्ष्य पूर्ण नहीं होने की वजह से उत्पन्न होने वाले तनाव के विपरीत प्राणायाम, ध्यान योग, श्वसन क्रियाएं तथा सुदर्शन क्रिया मनुष्य को ऊर्जा प्रदान कर उत्पादक बनाती हैं।

श्री श्री रविशंकर द्वारा दावा किया जा चुका है कि इस अद्वितीय क्रिया से तनाव व थकान मुक्ति के साथ ही गुस्सा, कुंठा एवं अवसाद जैसी नकारात्मक भावनाओं से मुक्त हुआ जा सकता है।

एम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार तनाव व संघर्ष के कठिन क्षणों में भी स्वयं को संतुलित रखने में सर्वाधिक सहायक मानी जाने वाली इस अद्भुत क्रिया के प्रयोग से मनुष्य में केवल बारह सप्ताह में ही रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सेल) में बढ़ोत्तरी पाई गई है।

तीनों दिन निर्धारित किये कुछ घंटों तक सिखाई जाने वाली सुदर्शन क्रिया के कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु चेन्नई, मुम्बई, पूणे, जम्मू, नई दिल्ली, कोलकता, शिलांग सहित देश के विभिन्न दो हजार छोटे बड़े शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु तैयारी की जा रही है।

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