नई दिल्ली, 25 नवम्बर (आईएएनएस)। भारत के प्रमुख उपभोक्ता संस्थानों में से एक-कंज्यूमर वॉयस ने सड़क सुरक्षा के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स की परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया।
कंज्यूमर वॉयस के चीफ ऑपरेटिंग आफिसर आशिम सान्याल ने इस कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए सड़क सुरक्षा पर कंज्यूमर वॉयस द्वारा किए गए कार्यों पर विशेष प्रस्तुति दी।
सान्याल ने इस अवसर पर कहा, “मोटर वाहन संशोधन विधेयक राज्य सभा में लंबे समय से अटका है। हम हर साल सड़क दुर्घटनाओं में 1.50 लाख से अधिक लोगों को खो रहे हैं। यह केवल केन्द्रीय और राज्य स्तर पर एक मजबूत विधायी उपाय लाने के द्वारा संबोधित किया जा सकता है। इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कई सहयोगी राज्यों के साथ कार्य करना, इसे नीति निमार्ताओं अथवा सांसदों से संसद के शीतकालीन सत्र यह मुद्दा उठाने की अपील की गई है। लिहाजा, आने वाले सत्र मेंयह बहुत महत्वपूर्ण विधेयक विषय होगा।”
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सलाहकार वीरेंद्र राठौड़ ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था के ²ष्टिकोण के बारे में बात की और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सीएसओ को बताया कि कैसे प्रभावी ढंग से कैसे काम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि लोक सभा द्वारा पारित मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2017 मुख्य रूप से भारत में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए है और जल्द ही इसे राज्यसभा द्वारा पारित किया जाना चाहिए।
ग्लोबल हेल्थ एडवोकेसी इन्क्यूबेटर (जीएआईएआई) के भारत प्रतिनिधि नलिन सिन्हा ने सड़क मार्ग दुर्घटना के आंकड़ों पर प्रकाश डालने वाली एक प्रस्तुति दी। इस दौरान उन्होंने सड़क दुर्घटना के मुख्य कारण और सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के उपायों पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं में रोजाना 413 लोग मर रहे हैं और अभी भी नीति निमार्ताओं और मीडिया के लिए एक गंभीर एजेंडा नहीं है, जबकि यह घटनाएं सुर्खियों में रहती हैं।
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