सतना, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। ‘अस्पताल’ शब्द सुनते ही बीमारी और सेहत का सवाल सामने आ जाता है, मगर मध्य प्रदेश के सतना में ‘कपड़ों का अस्पताल’ है। सुनने में यह थोड़ा अटपटा लग सकता है, लेकिन यहां कपड़ों की सेहत सुधारी जाती है।
सतना निवासी अबीर द्विवेदी एक सीमेंट कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर तैनात थे, उनके मन में विचार आया कि अपने शहर में स्वयं का रोजगार शुरू करें। उन्होंने सतना की ज्योति कलोनी में ‘कपड़ों का अस्पताल’ नामक ऑटोमेटिक मॉडर्न लॉण्ड्री की शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में इलाहाबाद बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण लिया। ऋण राशि से उन्होंने ड्रायर ट्रंबलर, हाइड्रो स्ट्रक्च र ड्राईक्लीनिंग मशीन अपनी इकाई में लगाई। इसके लिए उन्हें योजना में अनुदान की राशि भी मिली।
अबीर बताते हैं कि उनकी ड्राईक्लीनर्स यूनिट चल निकली है। उन्हें शहर के होटलों के अलावा शहरवासियों से भी काम मिल रहा है। उनकी इस यूनिट में 10 व्यक्ति काम कर रहे हैं। सारे खर्च के बाद उनकी आय अपेक्षा के अनुरूप हो जाती है।
अबीर द्विवेदी की शहर में सफल युवा उद्यमी के रूप में पहचाने जाने लगे हैं। वे दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गए हैं।
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