भोपाल, 27 जुलाई (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के निवासी और नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने यहां गुरुवार को बच्चों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ ‘सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भारत अभियान’ चलाने का ऐलान किया।
सत्यार्थी ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि अभी इस अभियान की रूपरेखा तय की जा रही है और इसे विद्यालय और महाविद्यालयों में शुरू किया जाएगा। इससे पुलिस, न्याय जगत से जुड़े लोग और नेताओं को भी जोड़ा जाएगा। इस अभियान में बच्चों व मानव तस्करी से लेकर यौन शोषण के प्रति जागृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान को लेकर वे मध्यप्रदेश सहित कई अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर चुके हैं। देशव्यापी अभियान के लिए केंद्रीय मंत्रियों से भी मिले हैं।
सत्यार्थी ने बच्चों को नई शिक्षा नीति में ‘सेक्स एज्यूकेशन’ को शामिल किए जाने के सवाल पर कहा कि उन्हें केंद्रीय मंत्री की ओर से बताया गया है कि पाठ्यक्रम में यौन हिंसा से सुरक्षा-बचाव और ऐसे लोगों की पहचान के तरीकों के बारे में भी बच्चों को जागरूक किया जाए। देश में पिछले साल 20 हजार मामले मानव तस्करी के व 15 हजार मामले यौन शोषण के सामने आए थे।
उन्होंने आगे कहा कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, हर एक घंटे में दो बच्चे यौन हिंसा का शिकार हो रहे हैं। वर्तमान दौर में सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद हत्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसके लिए हमारा समाज और सरकार दोनों जिम्मेदार हैं। पॉक्सो के तहत पिछले साल पंद्रह हजार मामले दर्ज हुए। इसमें से महज छह प्रतिशत मामलों मे एफआईआर हुई और एक प्रतिशत मामलों में सजा। जब तक अपराधियों के खिलाफ सख्ती नहीं होगी, वारदातें नहीं रुकेंगी।
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