नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि गरीब उनकी सरकार के आर्थिक कार्यक्रमों के केंद्र में हैं और वंचितों का सशक्तीकरण होना चाहिए, ताकि वे गरीबी उन्मूलन के साझेदार बन सकें।
टाइम्स नाउ को दिए साक्षात्कार में मोदी ने कहा, “गरीब मेरे आर्थिक कार्यक्रमों के केंद्र में हैं। गरीबों का इस प्रकार से सशक्तीकरण होना चाहिए कि उनमें गरीबी को परास्त करने की इच्छा पैदा हो। गरीबों को जरूरी मदद देना, लेकिन उन्हें गरीब छोड़ देना एक तरीका हो सकता है। मैं यह नहीं कहता कि सही क्या है और गलत क्या है, लेकिन यह एक तरीका हो सकता है। लेकिन आज देश की ऐसी स्थिति है कि हमें गरीबों को मजबूत करना होगा, ताकि वे गरीबी उन्मूलन में साझेदार बन सकें।”
वर्तमान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने जन धन योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, स्वच्छ भारत, कौशल भारत और मेक इन इंडिया जैसी अनेक योजनाएं गरीबों के सशक्तीकरण के लिए शुरू की हैं।
मोदी ने कहा, “हमारा सिद्धांत है कि कतार में आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना। पंडित दीन दयाल उपाध्याय का दर्शन हमारे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नीतियों के केंद्र में हैं। महात्मा गांधी भी पूछा करते थे कि आखिरी व्यक्ति के लिए क्या है? इसलिए विकास का मेरा पैमाना सीधा-सादा है। यह है कि गरीबों में से भी जो सबसे गरीब है, उन्हें विकास से क्या मिला।”
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