जावड़ेकर ने कहा कि निजी स्कूलों में निवेश गलत नहीं है, लेकिन यह निवेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए होना चाहिए न कि अभिभावकों की जेब पर डाका डालने के लिए।
जावड़ेकर ने कहा, “निजी स्कूलों की फीस में लूट-खसोट रोकने के लिए योजना तैयार है और प्रदेश में हमारी सरकार बनते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में सरकार बनने गांवों व शहरों में अध्यापकों की संतुलित तैनाती की जाएगी। वर्षो से लंबित शिक्षा मित्रों की विनियमितीकरण की समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही एक लाख शिक्षकों की भर्ती की जाएगी।”
उन्होंने कहा कि पहले 900 रुपये लागत वाली एनसीईआरटी की पुस्तकें पांच-पांच हजार में मिलती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि सालभर की ये किताबें 900 रुपये में ही दी जाएगी। इसको उपलब्ध कराने के तरीके भी काफी लचीले बना दिए गए हैं।
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