नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने मंगलवार को कहा कि सरकार का ‘थोड़ा भी इरादा’ किसी के खाने की आदतों या पशुवध व्यापार पर प्रतिकूल असर डालने का नहीं है। साथ ही उन्होंने हाल में मवेशी व्यापार पर विवादास्पद आदेश को संशोधित करने के लिए किसी भी सुझाव पर गौर करने का वादा किया।
उन्होंने सीएनएन न्यूज 18 से कहा, “यह सब कुछ गलतफहमी व वहम है। हमारा थोड़ा भी किसी के खाने की आदतों को बदलने का इरादा नहीं है और न ही हमारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर पशुवध व्यापार पर प्रतिकूल असर डालने की मंशा है।”
वह हाल में पर्यावरण मंत्रालय की पशु बिक्री को विनियमित करने वाली अधिसूचना पर सवालों के जवाब दे रहे थे, जिसमें यह सुनिश्चित करने की बात है कि पशुओं को बाजार में वध के लिए नहीं बेचा जा रहा है। एक विवाद के बाद गैर-भाजपा शासित राज्यों में राजनीतिक दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। केरल व मेघालय विधानसभा ने पहले ही अधिसूचना पर हमला करते हुए प्रस्ताव पारित किया है और केंद्र से इसे वापस लेने को कहा है।
मोदी सरकार के खिलाफ इस्तेमाल हो रहे ‘फासिस्ट’ जैसे शब्दों को खारिज करते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि भाजपा पर इस तरह के हमले होते रहते हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह लोगों के कल्याण के लिए समर्पित व प्रतिबद्ध है।
यह पूछे जाने पर कि क्या अधिसूचना में संशोधन किया जाएगा? उन्होंने कहा कि यह पहले से आश्वासन दिया जा चुका है कि सरकार इसमें सुधार करेगी। उन्होंने कहा कि हम इस बारे में बात करेंगे। उन्होंने कहा कि हर रोज सरकार को इस मुद्दे पर सुझाव मिल रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि मीडिया अनावश्यक इस मुद्दे को बढ़ा रहा है, जबकि अधिसूचना सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार जारी की गई थी।
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