नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। सिक्किम में सीमा पर भारतीय तथा चीनी सैनिकों के बीच बरकरार गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने सोमवार को सशस्त्र बलों के सभी वरिष्ठ कमांडरों को आश्वस्त किया कि सशस्त्र बल सेवाओं से संबंधित मुद्दों पर सरकार का दृष्टिकोण निर्णायक होगा।
यहां यूनाइटेड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में तीनों बलों के शीर्ष कमांडरों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का ‘स्पष्ट आभास’ है कि सेवाओं से संबंधित मुद्दों को लंबे वक्त तक लंबित नहीं रखा जाएगा और सरकार का दृष्टिकोण निर्णायक होगा।
उन्होंने सशस्त्र बलों को यह भी आश्वासन दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में संसाधनों की उपलब्धता बढ़ने के साथ ही पूंजी खर्च एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र होगा।
अधिकारियों ने इस बात पर टिप्पणी नहीं की कि सम्मेलन के दौरान भारत-चीन सीमा के मुद्दे पर चर्चा की गई या नहीं। सम्मेलन में रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख बिपिन रावत, रक्षा सचिव संजय मित्रा, नौसेना प्रमुख सुनील लांबा, वायु सेना प्रमुख बी.एस.धनोवा, चीफ ऑफ इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ तथा अन्य वरिष्ठ कमांडरों तथा रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने सशस्त्र बलों द्वारा सुरक्षा से संबंधित विभिन्न चुनौतियों से निपटने के तरीके की सराहना की।
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