उज्जैन, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ के चार दिन गुजर गए हैं, मगर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या देखकर ऐसा नहीं लग रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा समागम है। इससे प्रदेश सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
सरकार और प्रशासन की ओर से पहले चार दिन में 25 लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने के दावे किए जा रहे थे, मगर सही-सही आंकड़ा किसी के पास भी नहीं है।
राज्य सरकार सिंहस्थ कुंभ शुरू होने से पहले इस धार्मिक समागम में पांच करोड़ लोगों के पहुंचने का दावा करती आई है और उसी के मुताबिक यहां व्यवस्थाएं किए जाने नाम पर तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च की गई है।
पहले शाही स्नान से 22 अप्रैल को शुरू हुआ यह समागम 21 मई तक चलने वाला है। सरकार ने पहले शाही स्नान में 50 लाख लोगों के आने का दावा किया था, मगर उसी के मुताबिक इस स्नान में 15 लाख लोग ही पहुंचे, जबकि अन्य लोगों का अनुमान है कि यह आंकड़ा पांच लाख को पार कर गया हो, ऐसा नहीं लगता।
पहले शाही स्नान में व्याप्त अव्यवस्थाओं से आम श्रद्धालु से लेकर अखाड़ोंे के साधु-महंतों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, यही कारण है कि इन अव्यवस्थाओं पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि और महामंत्री हरिगिरि खुले तौर पर न केवल नाराजगी जता चुके हैं, बल्कि मेला छोड़ने की चेतावनी तक दे चुके हैं।
प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि शाही स्नान के बाद से हर रोज औसतन चार से पांच लाख श्रद्धालु स्नान करने पहुंच रहे हैं। अगर इस दावे को भी सही मान लिया जाए तो अब तक क्षिप्रा नदी में स्नान करने वालों की संख्या 25 लाख के आसपास पहुंचती है।
यहां महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि शाही स्नान के अलावा सरकार या प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर श्रद्धालुओं की संख्या का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
दूसरी ओर, साधु-संतों की मानें तो सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बहुत कम है, इसकी वजह प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के नाम पर की गई व्यवस्था है। जगह-जगह बैरिकेड लगा दिए गए हैं, जिसके चलते कई किलोमीटर दूर से श्रद्धालुओं को पैदल चलकर नदी के घाट तक पहुंचना होता है।
इस धार्मिक समागम में ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचें, इसके लिए रेलवे ने भोपाल से पांच विशेष गाड़ियां चलाई हैं। इसके अलावा अन्य कई गाड़ियों के उज्जैन में अस्थायी स्टॉपेज किए गए हैं।
भोपाल मंडल के लगभग एक दर्जन स्टेशनों से उज्जैन के लिए बिकने वाले टिकटों का आंकड़ा चौंकाने वाला है। इन स्टेशनों से 21 अप्रैल को 8049 और 22 अप्रैल को 3240 टिकट ही बिके।
सिंहस्थ कुंभ में पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर सरकार चिंतित है। इस बीच हमले और चोरी की घटनाओं से आक्रोशित साधु-संत मेला परिसर छोड़ने की धमकी भी दे चुके हैं।
प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है कि व्यवस्थाओं में और सुधार किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
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