कोलकाता, 21 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) पंचवर्षीय राष्ट्रीय विद्युत योजना (2017-22) और 2022-27 के लिए एक परिप्रेक्ष्य योजना की शीघ्र घोषणा करेगा। यह जानकारी प्राधिकरण के अध्यक्ष एस.डी. दूबे ने रविवार को दी।
दूबे ने कहा, “हम 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए एक राष्ट्रीय विद्युत योजना और 14वीं पंचवर्षीय योजना के लिए एक परिप्रेक्ष्य विद्युत योजना पर काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “अगले महीने तक हम इसे सार्वजनिक कर देंगे।”
अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय विद्युत योजना में ऊर्जा की मांग के अनुमानों, ऊर्जा की मांग पूरी करने वाले स्रोतों, पारेषण योजना, अक्षय ऊर्जा के स्रोतों के दोहन के उपाय शामिल होंगे।
पंचवर्षीय राष्ट्रीय विद्युत योजना प्रकाशित करने के लिए सीईए अधिकृत है, जिसके जरिए वह पूरे ऊर्जा क्षेत्र पर विचार करता है।
दूबे ने कहा, “इस बार हम ऊर्जा मांगों का अनुमान वितरण कंपनियों के साथ-साथ राज्यवार मांगों को ध्यान में रख कर लगा रहे हैं। पहले यह कवायद केवल राज्यवार होती थी। हम देश भर की 78 वितरण कंपनियों की मांगों पर विचार कर रहे हैं।”
12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) में 76,000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें 63,000 मेगावाट का उत्पादन कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों से होने का अनुमान लगाया गया था। इस अवधि में 37,800 मेगावाट के रूप में अंतरराज्यीय पारेषण क्षमता का अनुमान लगाया गया था।
दूबे ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में 40 प्रतिशत विद्युत संयंत्र ‘सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी’ पर आधारित हैं, लेकिन 13वीं और उसके बाद की पंचवर्षीय योजनाओं में अधिकांश विद्युत संयंत्र ‘सुपर क्रिटिकल’ के साथ-साथ ‘अल्ट्रा क्रिटिकल प्रौद्योगिकी’ पर आधारित होंगे।
उन्होंने कहा कि 22,000 से 30,000 मेगावाट की कुल क्षमता वाले विद्युत संयंत्रों के पास या तो ईंधन संलग्नता नहीं है या अगर हैं तो उनके पास ऊर्जा खरीद समझौते नहीं हैं।
दूबे ने कहा, “इस जटिलता पर ध्यान देने के लिए केंद्र सरकार एक नीति बनाने वाली है।”
उन्होंने कहा कि ऊर्जा के उत्पादन लागत कम करने के लिए घरेलू कोयला के उपयोग में लचीलापन लाने हेतु सीईए ने सरकार को नीतिगत दिशानिर्देश का प्रस्ताव दिया है।
dharmpath.com dharmpath