मुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिण एशिया मानवाधिकार संगठन (एसएएचआर) ने सोमवार को भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं से जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी कम करने और नियमित अंतराल पर वार्ता का मार्ग तैयार करने का अनुरोध किया।
दुनिया में कहीं भी आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किसी देश के भूभाग के इस्तेमाल की निंदा करते हुए एसएएचआर ने दोनों देशों की सेनाओं के सैन्य अभियानों के महानिदेशकों से इस दिशा में कदम उठाने की मांग की और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए दोनों देशों की सरकारों से जल्द से जल्द वार्ता शुरू करने की भी अपील की।
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में आई खतरनाक गिरावट पर चिंता जाहिर करते हुए मानवाधिकार संगठन ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर नियमित तौर पर गोलीबारी हो रही, जिसमें दोनों देशों के सैनिक मारे जा रहे हैं और नियंत्रण रेखा के नजदीक रहने वाले दोनों देशों के नागरिकों का जन-जीवन प्रभावित हो रहा है तथा स्कूलें बंद हैं।
एसएएचआर की अध्यक्ष हिना जिलानी और सह-अध्यक्ष निमाल्का फर्नाडो ने कहा, “दुर्भाग्य की बात है कि नियंत्रण रेखा के नजदीक के गांवों में रहने वाले लोग गांव छोड़कर जाना चाहते हैं, लेकिन धान काटने का समय नजदीक होने के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे। इलाके के अधिकांश लोगों की आजीविका बासमती चावल की खेती पर ही निर्भर है।”
एसएएचआर के भारतीय प्रवक्ता जतिन देसाई ने कहा, “एसएएचआर का मानना है कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि दोनों देशों की आम जनता सीमा पर अपने जवानों को शहीद होता और ग्रामीणों को मरता देखकर एकदूसरे के खिलाफ होती जा रही है।”
देसाई ने कहा कि ऐसी स्थिति में दोनों देशों के सामाजिक कार्यकर्ताओं को शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए।
dharmpath.com dharmpath