सोनपुर मेले में विदेशी पर्यटकों की भरमार

हाजीपुर (बिहार), 6 दिसंबर (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्घ बिहार के हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले का आकर्षण सिर्फ राज्य और देश के सैलानियों को ही नहीं बल्कि सात समुंदर पार दूसरे देशों के भी सैलानियों को यहां खींच लाता है।

हाजीपुर (बिहार), 6 दिसंबर (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्घ बिहार के हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले का आकर्षण सिर्फ राज्य और देश के सैलानियों को ही नहीं बल्कि सात समुंदर पार दूसरे देशों के भी सैलानियों को यहां खींच लाता है।

सोनपुर मेले में विदेशी पर्यटकों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। विदेशी पर्यटक भी मेले में पहुंचकर आनंद ले रहे हैं। अब तक इस मेले में 30 विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं, जिसमें सभी इटली और जापान के रहने वाले हैं।

अपने गौरवशाली अतीत को संजोए हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में पर्यटन विभाग भी विदेशी सैलानियों को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।

प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से प्रारंभ होने वाला यह मेला इस साल 12 नवंबर को शुरू हुआ और अब तक 30 विदेशी पर्यटक इस मेले में पहुंचे हैं। इन विदेशी सैलानियों को ठहराने के लिए मेला परिसर में बनाए गए पर्यटन ग्राम में आधुनिक सुख-सुविधा वाले ग्रामीण परिवेश में लगने वाले 20 स्विस कॉटेजों का निर्माण कराया गया है।

स्विस कॉटेज के प्रबंधक अमित प्रकाश ने आईएएनएस को बताया कि अब तक 30 विदेशी सैलानी मेले का लुत्फ उठा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 16 सैलानी इटली से आए हैं, जबकि जापान से 14 सैलानी शामिल हैं।

बिहार पर्यटन विकास निगम का दावा है कि इसके अलावा कई विदेशी सैलानी पटना और हाजीपुर के विभिन्न होटलों में रहकर मेला का आनंद उठाने भी यहां पहुंच रहे हैं।

अमित ने बताया कि ग्रामीण परिवेश में तैयार किए गए इन कॉटेजों में आधुनिक सभी सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।

उन्होंने बताया कि पर्यटक ग्राम में स्विस कॉटेज अब तक किसी दिन खाली नहीं रहा।

एक महीने तक चलने वाले इस मेले में आए विदेशी सैलानी भी मेले के बाजारों को देखकर आश्चर्यचकित हैं।

जापान की हमशुआ मिहो ने कहा, “यह अद्भुत है। सोनपुर मेले के बारे में बहुत कुछ सुना है, मैं यहां कुत्तों और पक्षियों का बाजार देखकर रोमांचित हूं। हाथी पर चढ़कर मेला घूमना अभूतपूर्व अनुभन है।”

इटली की कस्तोगोली ने कहा, ‘इट्स ग्रेट।’ विदेशी पर्यटकों ने गंडक-गंगा संगम में स्नान का भी लुत्फ उठया।

मेले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। यह मेला 13 नवंबर तक चलेगा।

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