कोझिकोड, 28 जनवरी (आईएएनएस)। केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने सौर ऊर्जा घोटाले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गुरुवार को एक गहरी साजिश बताया।
चांडी ने यहां गुरुवार को संवाददाताओं को कहा, “इन आरोपों के पीछे एक गहरी साजिश है। हमने शराब नीति को सर्वोच्च न्यायालय से मंजूर करा लिया इसलिए कुछ बार मालिक इससे नाराज हैं। चर्चा है कि यह सरकार फिर से सत्ता हासिल कर सकती है इसलिए यह गहरी साजिश रची गई है, जिसमें मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी शामिल है।”
उल्लेखनीय है कि मामले की एक मुख्य आरोपी सरिता नायर ने बुधवार को सौर न्यायिक समिति के समक्ष खुलासा किया था कि उसने चांडी को दो किश्तों में 1.90 करोड़ रुपये दिए थे। उसने दावा किया कि यह रकम चांडी द्वारा अपने कर्मचारी जिकुमोन के जरिए मांगी गई सात करोड़ रुपये की रिश्वत का हिस्सा था।
चांडी ने कहा, “हैरानी की बात है कि पिछले सप्ताह तक वह मुझे पिता के समान बता रही थी और अचानक उसने यह आरोप लगा दिया। उसके आरोपों में लेशमात्र भी सच्चाई नहीं है और यह निहित स्वार्थो के लिए रची गई साजिश है।”
इसी बीच माकपा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के युवा कार्यकर्ताओं ने तड़के कोझिकोड रेलवे स्टेशन पहुंचे चांडी का रास्ता रोकने की कोशिश की। पुलिस ने काफी मशक्कत से उनकी कार के लिए रास्ता खाली कराया।
राज्य सूचना मंत्री के. सी. जोसफ ने आईएएनएस को बताया कि 2014 में सरिता नायर ने एक लोकप्रिय पत्रिका को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया था कि माकपा ने उन्हें सौर घोटाले के आरोपियों में चांडी का नाम शामिल करने के लिए 10 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी।
जोसफ ने कहा, “हैरानी की बात है कि कल जहां माकपा मुख्यमंत्री के खिलाफ उनके बयान को उजागर कर रही थी, वहीं सभी जानना चाहते हैं कि माकपा को इस बारे में क्या कहना है कि उसने नायर को चांडी के खिलाफ बोलने के लिए रिश्वत का प्रस्ताव दिया था।”
वरिष्ठ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) विधायक और पूर्व मंत्री सी. दिवाकरन ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि पूर्व वित्त मंत्री के.एम मणि की तरह ही चांडी को भी इस्तीफा देना पड़ेगा।
राज्य गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने गुरुवार को कहा कि सरिता के नए दावे के पीछे साजिश है।
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