कोच्चि, 23 जून (आईएएनएस)। केरल में सौर घोटाले की जांच कर रहे एक सदस्यीय आयोग ने गुरुवार को मामले की मुख्य आरोपी सरिता नायर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
घोटाले की जांच कर रहे जी. शिवराजन आयोग ने पुलिस से नायर को 27 जून से पहले पेश करने के लिए कहा है।
सरिता की तरफ से पेश हुए वकील ने आयोग से कहा कि उनकी मुवक्किल बीमार हैं और उन्हें अपने हाथ की सर्जरी करानी है। इसलिए उन्हें पेश होने के लिए और समय दिया जाए, जिसे सुनकर आयोग नाराज हो गया।
आयोग ने कहा कि वह जानबूझकर पेश नहीं हो रही हैं, इससे पहले वे तीन बार पेश नहीं हुईं।
सरिता नायर ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमान चांडी व उनके मंत्रिमंडल के कई सदस्यों सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं और आयोग से कहा है कि अपने आरोपों को साबित करने के लिए उनके पास पुख्ता सबूत हैं।
प्रदेश में 16 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने कहा था कि वह मीडिया को समय-समय पर घोटाले से संबंधित जानकारी देती रहेंगी। चुनाव के दौरान वह युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार के लिए सिरदर्द बन गई थीं। लेकिन, चुनाव परिणाम आने के बाद वह आयोग के सामने कभी पेश नहीं हुईं।
तथाकथित सौर घोटाला तब सामने आया था, जब सरिता नायर तथा उनके लिव-इन पार्टनर बीजू राधाकृष्णन को सौर पैनल के लिए निवेशकों का पैसा हड़पने के आरोप में साल 2013 में गिरफ्तार किया गया था।
नायर जमानत पर बाहर हैं, जबकि राधाकृष्णन अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद है।
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