स्मॉग खूबसूरती के लिए अभिशाप

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। स्मॉग शहरों में तेजी से बढ़ती एक ऐसी समस्या है जो हमारे स्वास्थ्य पर बहुत गहरा प्रभाव डाल रही है। इससे न सिर्फ हमारा स्वास्थ्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, बल्कि यह हमारी खूबसूरती के लिए भी अभिशाप की तरह है और थोड़ी सी भी लापरवाही से इसका हमारी त्वचा पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है।

क्या है वह प्रभाव और इससे कैसे बचें, आइए जानें :

क्या होता है प्रभाव : स्मॉग कार्बन मोनो ऑक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों के अलावा धूल व धुएं का मिश्रण भी होता है, जिसकी वजह से त्वचा में रूखापन, खुजली, मुहासें रैशेज जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है जो हमारी त्वचा के लिए बहुत हानिकारक है।

स्मॉग हमारी त्वचा से ऑक्सीजन को चुरा लेता है, जिससे हमारी त्वचा अपना ग्लो खो देती है। इसके अलावा त्वचा पर झुर्रियां भी जल्दी पड़ती हैं। अगर हम दूसरे शब्दों में कहे तो खूबसूरती के लिए स्वस्थ त्वचा का होना पहली शर्त होती है, लेकिन स्मॉग हमारी त्वचा को बहुत प्रभावित करता है, जिससे उसकी सुंदरता कहीं खो सी जाती है।

कैसे पाएं छुटकारा :

पुलत्स्या कैडल स्किन केयर सेंटर के डमैर्टीलॉजिस्ट डॉ. विवेक मेहता ने इससे बचने के निम्न तरीके बताए हैं :

* जब कभी आप कहीं बाहर से आएं तो इस बात का ध्यान रखें की किसी अच्छे फेसवाश से जरूर धोएं, ताकि आपके चेहरे पर चिपकी धूल साफ हो जाए। साथ ही त्वचा को बहुत रूखा भी न बनाएं, क्योंकि जाड़े में वैसे भी त्वचा को अतिरिक्त नमी की जरूरत होती है।

* एक अच्छे क्लींजर से भी अपनी त्वचा की सफाई करें, क्योंकि यह त्वचा की गहराई तक सफाई करता है और प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव से उसे मुक्त करता है।

* चेहरे को को धोने के बाद उस पर विटामिन-ई युक्त मॉइश्चराजर लगाना न भूलें।

* अपनी डायट में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थो को शामिल करें, जिसमें प्रचुर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद हो। जैसे- बेसिल, जिंजर, डार्क चॉकलेट, गाजर, टमाटर, बिंस आदि इससे त्वचा को अंदर से पोषण मिलता है, जिससे त्वचा पर प्रदूषण व स्मॉग का नाकारात्मक प्रभाव कम पड़ता है।

* पूरे दिन में काम से काम 10 से 12 गिलास पानी जरूर पीएं। इससे फायदा ये होगा की त्वचा के लिए हानिकारक धूलकणों को शरीर से बाहर निकाल देता है, जो त्वचा की सेहत के लिए बहुत ही अच्छा है।

* जब भी धूप में जाएं तो 30 एसपीएफ का सनस्क्रिन लगाना न भूलें, यह त्वचा को धूप के प्रभाव से बचाता है।

* विटामिन ई और सी त्वचा के लिए एंटी पल्लुशन इंग्रीडिएंट की तरह काम करते हैं। ऐसे में इसके अलावा यह त्वचा में नई कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक है। ऐसे में जब भी मेकअप या स्किन केयर का कोई प्रोडक्ट खरीदें तो उसमें यह देख लें की ये दोनों विटामिन जरूर मौजूद हों।

* त्वचा पर एलोवेरा जेल का प्रयोग भी इसे स्मॉग के हानिकारक प्रभावों से बचाता है।

* समय-समय पर अपने स्किन टाइप के अनुसार फेशियल भी कराते रहें। इससे न सिर्फ त्वचा पर जमी गंदगी साफ होती है, बल्कि प्रदूषण और स्मॉग की वजह से त्वचा पर आए ब्लॉक हेड्स से मुक्ति दिलाकर उसके ग्लो को बढ़ाता है।

उपचार :

* माइक्रोडर्मब्रेशन ट्रीटमेंट आजकल काफी प्रचलित है। यह त्वचा ऊपरी परत इसमें उन्नत तकनीक द्वारा त्वचा की ऊपरी परत जो प्रदूषण और स्मॉग की वजह से प्रभावित हुए है उसे पॉलिश करने का काम करती है।

* केमिकल पिल्स भी एक ऐसी तकनीक है जो त्वचा को स्मॉग के प्रभाव से मुक्त करती है और उसे कोमल तो बनाती ही है। साथ ही झांइयों को भी दूर करती है। यह बेहद किफायती और असरदार ट्रीटमेंट है, लेकिन किसी भी ट्रीटमेंट को कराने के लिए हमेशा किसी अच्छे डर्मेटोलॉजिस्ट से ही संपर्क करें।

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