नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में सोमवार को भोजनावकाश से पूर्व सत्र में नोटबंदी पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनके सम्मान में एक मिनट का मौन रखा गया।
इसके बाद विपक्ष की ओर से आहूत ‘आक्रोश दिवस’ का मुद्दा उठाया गया।
केंद्रीय मंत्री एम.वैंकेया नायडू ने इस पर विरोध जताते हुए सभापति से शून्यकाल शुरू करने का आग्रह किया।
विपक्षी सदस्य सभापति की आसंदी के पास जमा हो गए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद सभापति ने आधे घंटे के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही दोबारा 11.40 बजे शुरू हुई, जब विपक्षी दलों ने सदन में मोदी की उपस्थिति की मांग की।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने सभापति से मोदी के खिलाफ सदन की अवमानना से संबंधित अपने नोटिस पर फैसले की मांग की।
उपसभापति पी.जे.कुरियन ने हालांकि प्रस्ताव खारिज कर दिया।
विपक्षी सदस्य एक बार फिर संसद की वेल में आ गए और हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद कुरियन ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू होने के बाद भी जब हंगामा नहीं थमा तो इसे दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
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