चेन्नई, 1 अगस्त (आईएएनएस)। दक्षिण भारत फिल्म कर्मचारी संघ (एफईएफएसआई) के सदस्यों के मंगलवार को हड़ताल पर होने के चलते राज्यभर में 20 से ज्यादा तमिल फिल्मों की शूटिंग रुक गई, संघ के सदस्य दैनिक मजदूरी में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
तमलिनाडु प्रोड्यूसर्स काउंसिल (टीएफपीसी) ने इस मांग को ठुकरा दिया है।
एफईएफएसआई से फिल्म उद्योग के विभिन्न हिस्सों के 24 से ज्यादा यूनियन जुड़े हैं और 25,000 सदस्य इसका हिस्सा हैं और ये टीएफपीसी के साथ भिड़े हुए हैं। एफईएफएसआई का निर्माता-अभिनेता आर.के. सुरेश से विवाद है। पिछले महीने उनकी तमिल फिल्म ‘बिल्ला पांडी’ के सेट पर इसके सदस्य तकनीशियन के रूप में काम करने के लिए रखे गए थे और सदस्यों ने दैनिक मजदूरी में वृद्धि करने की मांग की।
जब सुरेश ने इस मामले को टीएफपीसी के अध्यक्ष विशाल को बढ़ा दिया तो बाद में फिल्म की शूटिंग बंद हो गई और सुझाव दिया गया कि एफईएफएसआई के बाहर के तकनीशियन शूटिंग में लगाए जा सकते हैं।
एफईएफएसआई के प्रमुख आर.के. सेल्वामणि इस हड़ताल की अगुवाई कर रहे हैं।
सेल्वामणि ने आईएएनएस को बताया, “टीएफपीसी को एफईएफएसआईके सदस्यों के साथ काम करना चाहिए जो 25,000 से ज्यादा की संख्या में हैं और गैर-एफईएफएसआई सदस्यों का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। एफईएफएसआई सदस्यों के लिए हुआ वेतन समझौता 31 जुलाई को समाप्त हो चुका है और इसलिए हमने दैनिक मजदूरी में संशोधन का आग्रह किया है। सदस्यों को नए वेतन भुगतान किए जाने चाहिए और जब तक ऐसा नहीं हो जाता हम हड़ताल पर रहेंगे।”
जिन 20 तमिल फिल्मों की शूाटिंग शुरू हो चुकी है, उनके लिए यह हड़ताल बड़ा झटका है।
टीएफपीसी के एक सदस्य ने बताया कि रजनीकांत की फिल्म ‘काला’ की शूटिंग भी रूक गई है। एफईएफएसआई के सदस्य अधिकांश तमिल फिल्मों का हिस्सा हैं, उन्हें यह समझना होगा कि इससे केवल उनकी आजीविका प्रभावित होगी।
विशाल ने आईएएनएस को बताया कि एफईएफएसआई की मांग को टीएफपीसी नहीं मानेगी।
विशाल ने कहा, “हम एफईएफएसआई से या जो इस संघ से नहीं जुड़े हैं..किसी के साथ भी काम करने के लिए तैयार हैं, हम उनकी मांगे नहीं मानेंगे और जो हमने पहले कहा है, उस पर कायम हैं।”
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