नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि वह अदालत में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ संबंध साबित करेगी।
कांग्रेस ने कहा कि ‘इतिहास को न तो बदला जा सकता है और न ही दोबारा लिखा जा सकता है’।
कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने आईएएनएस से कहा, “अगर सुनवाई शुरू होती है तो हम अदालत में सबूत पेश करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि इतिहास को न तो बदला जा सकता है और न ही दोबारा लिखा जा सकता है। इतिहास को इसलिए भी नकारा नहीं जा सकता कि वह मौजूदा सरकार के पक्ष में नहीं है।”
चतुर्वेदी ने कहा, “किसी को इसके लिए माफी क्यों मांगनी पड़े? सर्वोच्च न्यायालय ने केवल एक रुख का इजहार किया है, यह कोई अंतिम फैसला नहीं है।”
उन्होंने कहा, “अगर हमें अदालती कार्यवाही में गोडसे का आरएसएस के साथ संबंध साबित करना पड़ेगा तो हम इसे सबूतों के साथ साबित करेंगे। ऐसे अनेक दस्तावेज हैं जिससे साबित होता है कि गोडसे आरएसएस से संबद्ध था।”
गोडसे को महात्मा गांधी की हत्या के अपराध में मौत की सजा सुनाई गई थी और 15 नवंबर, 1949 को गोडसे को फांसी दी गई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को संकेत दिया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सुनवाई का सामना करना पड़ सकता है।
आरएसएस के एक कार्यकर्ता ने राहुल के उस बयान के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है, जिसमें राहुल ने आरएसएस पर महात्मा गांधी की हत्या का आरोप लगाया था।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी माफी मांगने की बजाय अदालती कार्यवाही का सामना करने के लिए तैयार हैं। राहुल ने यह बयान लोकसभा चुनाव 2014 के समय महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान दिया था।
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