उन्होंने कहा, “हमारे ऊपर ये मामला जल्दी में बनाया गया है। इसमें शामिल किसी भी अधिकारी का नाम नहीं आया है। 17 साल हो गए इस बात को, पर इनके पास तो प्रत्रावली तक तैयार नहीं है। मेरी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।”
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “एक भूपेश का मुंह बंद करोगे तो लाखों भूपेश खड़े होंगे। पांच दिनों से हमारा परिवार सो नहीं पाया है, हम यहां तीन घंटे से बैठे हैं, बल्कि बैठाए गए हैं।”
उनके बचाव में उतरे राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा, “प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को जबरन फंसाया जा रहा है। व्यक्तिगत तौर पर जो हमले होने लगे हैं, ये इस प्रदेश की राजनीति के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसका जवाब आने वाले समय में जनता देगी। हम इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में मुहिम चलाएंगे।”
ईओडब्ल्यू ने हाल ही में भूपेश बघेल के खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
कांग्रेस के प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने बताया कि भूपेश बघेल के साथ उनकी पत्नी और मां भी ईओडब्ल्यू ऑफिस पहुंचे, हालांकि जब बघेल ईओडब्ल्यू ऑफिस पहुंचे, उस समय तक विभाग के आला अधिकारी ऑफिस नहीं पहुंचे थे। वहां पहुंचते ही भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, “मैं यहां अपनी बेगुनाही के साक्ष्य लेकर आया हूं। मैं चाहता हूं कि ईओड्ब्ल्यू के अधिकारी मेरे बयान दर्ज करें। जिस मामले में मुझे परेशान किया जा रहा है, वह करीब 22 साल पुराना है।”
बघेल ने प्रदेश सरकार पर पलटवार करते हुए कहा के मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों व शिकायतों की जांच क्यों नहीं की जा रही है?”
आक्रोशित जिलाध्यक्ष विकास उपाध्याय ने अपने समर्थकों के साथ ईओडब्ल्यू कार्यालय के सामने ही मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस वालों से उनकी झूमाझटकी हुई और तीस से ज्यादा समर्थकों समेत उनको हिरासत में ले लिया गया। इसके बावजूद उत्तेजित कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे।
महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि सियासत में जिस तरह से व्यक्तिगत हमले किए जा रहे हैं, जनता आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी। वहीं शिव डहरिया ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रियता देखकर प्रदेश के मुख्यमंत्री बौखला गए हैं, इसीलिए वे ऐसा काम कर रहे हैं।
इस मौके पर मोहम्मद अकबर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र चौबे, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री चरणदास महंत के अलावा बड़ी तादाद में कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं के वाहनों की कतार तेलीबांधा से लेकर शहीद भगत सिंह चौक तक लग गई। इस कारण सुरक्षा की ²ष्टि से पुलिस को ये रास्ता बंद करना पड़ा। इसके कारण लोगों को भरी दोपहरी में काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
महावीर नगर निवासी वैभव साहू अपनी मां के लिए दवा लेने मेडिकल कांप्लेक्स जा रहा था। उसे मजबूरन काफी घूमकर जाना पड़ा और इसी कारण काफी विलंब हुआ। वैभव ने कांग्रेस पर जमकर भड़ास निकाली।
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