फरीदाबाद, 9 मई (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने माता अमृतानंदमयी मठ के दो हजार बिस्तरों के नए अस्पताल की सोमवार को आधारशिला रखी।
अमृता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च का एक केंद्र ग्रेटर फरीदाबाद में खुलेगा।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर तथा अन्य गणमान्य लोगों के साथ माता अमृतानंदमयी मठ के स्वामी अमृतास्वरूपानंद पुरी भी इस मौके पर मौजूद थे।
अत्याधुनिक अस्पताल लगभग 100 एकड़ भूमि में फैला होगा।
अस्पताल में एक मल्टी स्पेशियलिटी बच्चों का अस्पताल तथा एक खंड शोध को समर्पित होगा, जो कम कीमत पर स्वास्थ्य देखभाल तथा अस्पताल में पढ़ाई पर केंद्रित होगा।
खट्टर ने हरियाणा में अस्पताल के निर्माण का फैसला लेने वाली माता अमृतानंदमयी के प्रति सम्मान जाहिर किया।
उन्होंने कहा, “माता प्रेम व करुणा की प्रतिमूर्ति हैं, जिन्होंने बिना थके मानवता के कल्याण के लिए कार्य किया। वे गरीबों की सेवा को सबसे बड़ी पूजा समझती हैं।”
उन्होंने कहा कि अस्पताल से न केवल फरीदाबाद, बल्कि दिल्ली-एनसीआर, पलवल, मेवात तथा उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोगों को लाभ होगा।
पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त सत्येंद्र मिश्रा ने कहा कि यह दिल्ली-एनसीआर का सबसे बड़ा अस्पताल होगा। मिश्रा नए अस्पताल के कार्यकारी निदेशक होंगे।
अस्पताल एक हरित इमारत होगा, जो प्रकृति के अनुकूल होगा। इसमें 45 फीसदी बिजली की खपत सौर ऊर्जा से होगी।
अस्पताल के निर्माण में इस्तेमाल में लाए जानेवाली निर्माण सामग्री भी पर्यावरण के अनुकूल होगी। परिसर के 70 फीसदी हिस्सों में पेड़-पौधे व जलाशय होंगे।
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