चंडीगढ़, 13 नवंबर (आईएएनएस)। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज सोमवार को फिल्म पद्मावती के विरोधी समूह में शामिल हो गए और उन्होंने सेंसर बोर्ड से फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की।
विज ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को फिल्म पद्मावती की रिलीज लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए रोक देनी चाहिए।
फिल्म की रिलीज का विरोध करते हुए मंत्री ने कहा कि रानी पद्मावती देश का गौरव थीं।
उन्होंने कहा, “राजा राणा रतन सिंह के युद्ध में मारे जाने के बाद उन्होंने (पद्मावती) ने 16,000 महिलाओं के साथ जौहर किया था। इस तरह की राजकुमारी को सार्वजनिक तौर पर नृत्य करते दिखाना एक अपमान है। यह अत्यधिक आपत्तिजनक है क्योंकि यह इतिहास से छेड़छाड़ है।”
विज ने कहा, “भंसाली जैसे लोग अपनी फिल्मों के लिए अलाउद्दीन खिलजी की कहानी क्यों नहीं लेते जिसने भारतीय लोगों नुकसान पहुंचाया था। भारतीय संस्कृति में बहुत से वीर योद्धा हैं, जिन्हें समाज को दिखाया जा सकता है। लेकिन, भंसाली ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि वह सिर्फ एक ही विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहते हैं।”
फिल्म ‘पद्मावती’ एक दिसंबर को रिलीज होनी है।
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