भोपाल, 14 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश का हर बच्चा स्कूल जाए, इसके लिए गुरुवार 15 जून से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन प्रतिनिधियों से हर बच्चे को शाला में प्रवेश कराने में सहयोग करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को जन-प्रतिनिधियों के नाम जारी संदेश में कहा है कि शिक्षा के प्रसार के लिए संचालित ‘स्कूल चलें हम’ अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। वे अभियान को अपना नेतृत्व प्रदान कर यह देखें कि शालाओं में दी जा रही शिक्षा गुणवत्तायुक्त हो।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बच्चों का बहु-आयामी विकास हो। इस ²ष्टि से इस साल शालाओं में 16 जून को प्रवेशोत्सव आयोजित कर लगातार सात दिन तक सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां आयोजित होंगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि नए शिक्षा सत्र के प्रारंभ से ही ‘स्कूल चलें हम’ अभियान को व्यापक जन-आंदोलन के रूप में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य है कि छह से 18 आयु के सभी बालक-बालिकाएं शालाओं में प्रवेश लें तथा नियमित स्कूल जाएं।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में शाला में जाने वाले हर बच्चे के नामांकन, उपस्थिति और उसे विभिन्न योजनाओं में दिए जाने वाले प्रोत्साहन को सुनिश्चित करने के लिए ग्राम डाटा-बेस तैयार किया गया है। ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय’ अभियान के सफल क्रियान्वयन से हर शाला में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बच्चों के लिए एक किलोमीटर पर प्राथमिक एवं तीन किलोमीटर पर माध्यमिक शाला की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, साइकिल, मध्यान्ह भोजन के साथ ही छात्रवृत्ति एवं बालक-बालिकाओं के लिए रहवासी सुविधाओं से परिपूर्ण छात्रावास की सुविधा है। दिव्यांग बच्चों के लिए भी छात्रावास की व्यवस्था की गई है।
dharmpath.com dharmpath