विशाखापत्तनम, 8 फरवरी (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रीव्यू (आईएफआर) में भाग लेने आए जापानी नौ सेना के प्रमुख एडमिरल तोमोहिसा तेकेइ ने कहा कि हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत प्रमुख देश है, इसलिए उसे इस क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
विशाखापत्तनम, 8 फरवरी (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय फ्लीट रीव्यू (आईएफआर) में भाग लेने आए जापानी नौ सेना के प्रमुख एडमिरल तोमोहिसा तेकेइ ने कहा कि हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत प्रमुख देश है, इसलिए उसे इस क्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
एडमिरल ने कहा कि आईएफआर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जिससे नौसेनाओं के बीच जहां सहयोग बढ़ेगा, वहीं आगे भी संवाद कायम करने में मदद मिलेगी।
तेकेइ ने आईएएनएस से कहा, ” हम हिन्द महासागर में सहयोग के आकांक्षी हैं। भारत इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण देश है। हम भारत के साथ संबंध प्रगाढ़ करना चाहते हैं। अपनी भौगोलिक स्थिति की वजह से भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में और पूर्वी अफ्रीका से लेकर दक्षिण चीन सागर तक शांति और सुरक्षा बनाए रखने का दायित्व लेना होगा।”
जापान के नौसेना प्रमुख ने कहा, “भारत इस क्षेत्र के केंद्र में है।” उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में विश्व की 50 फीसदी अबादी रहती है और इस महासागर के रास्ते बड़े पैमाने पर व्यापार होता है।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में जापान और भारत स्वाभाविक सहयोगी हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग काफी दिनों बाद बढ़ा है। खासतौर से जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा ने इस दिशा में उत्प्रेरक का काम किया है।
भारत में मालाबार तट पर हुए भारत-अमेरिका और जापान के बीच हुए नौसेना अभ्यास से चीन असहज हो गया था। हालांकि यह नौसैनिक अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय था, लेकिन अब जापान भी इसका स्थायी सहभागी है। 2007 में जापान और ऑस्ट्रेलिया को भी इसमें शामिल किया गया तो चीन ने इस पर कूटनीतिक विरोध जताया था।
जब तेकेइ से पूछा गया कि क्या चीन को भी अभ्यास में शामिल किया जा सकता है? इस पर उन्होंने कहा, “चीन या किसी अन्य देश में कोई फर्क नहीं है।”
उन्होंने कहा कि शांति काल में नौसैनिक अभ्यास आपातकाल के लिए नींव का काम करता है। तेकेइ ने जिक्र किया कि 2001 में जब आइएफआर हुआ था तो उन्होंने एक युवा कैप्टन के रूप में उसमें शिरकत की थी।
आइएफआर में जापान ने अपना पनडुब्बी रोधी विध्वंसक जेएस मत्सुयूकी भेजा है।
गत वर्ष अक्टूबर में जापानी नौ सेना के फ्लीट रीव्यू में भारत के आईएनएस सहयाद्री ने भाग लिया था।
विशाखापत्तनम में आयोजित आइएफआर में चीन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत 50 देशों की नौसेनाओं ने 24 जंगी पोतों के साथ भाग लिया। भारत के 71 युद्धपोतों ने इसमें हिस्सा लिया।
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