विशाखापत्तनम, 1 फरवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले के तुनि नगर में रविवार को कापू आरक्षण आंदोलन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी। बिगड़ते हालात को देखकर सोमवार को अतिरिक्त पुलिसबल और अर्धसैनिक बल तटीय आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हो गए।
पुलिस ने पूर्वी गोदावरी जिले में चार या उससे अधिक लोगों के इकट्ठे होने पर रोक लगा दी है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) आर.पी. ठाकुर सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्थिति का जायजा लेने तुनि पहुंचे हैं।
रविवार को आरक्षण की मांग को लेकर भड़की हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन, दो पुलिस थानों और 25 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस हिंसा में 15 पुलिसकर्मी और चार रेलवे कर्मचारी भी घायल हो गए।
जांच अधिकारी ट्रेन और पुलिस थानों पर हमला करने वालों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज की जांच कर रहे हैं।
तुनि और अन्य इलाकों में हिंसा रोकने के लिए आंध्र प्रदेश स्पेशल पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों को तैनात किया गया है।
विजयवाड़ा में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों द्वारा रेल पटरी पर धरना दिए जाने के कारण विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम के बीच सभी रेलगाड़ियां और चेन्नई-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही अवरुद्ध थी, जिसे रविवार देर रात बहाल करा दिया गया।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी मांग पर सोमवार तक प्रतिक्रिया नहीं दी, तो वह आखिरी सांस तक अनशन जारी रखेंगे।
उनकी मांग है कि कापू जाति को पिछड़े वर्गो की सूची में शामिल किया जाए और उन्हें आरक्षण दिया जाए।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पुलिस महानिदेशक जे.वी. रमुदू और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति का जायजा लिया है।
नायडू ने हिंसा को ‘पूर्व नियोजित’ करार दिया और अधिकारियों को हिंसा में शामिल लोगों से सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है।
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