शिमला, 16 फरवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के नेताओं ने बीते तीन सालों में राज्य के विकास के मामले में गैर जिम्मेदाराना ढंग से व्यवहार किया है।
वीरभद्र ने संवाददाताओं से कहा, “विपक्ष के पास नेतृत्व का अभाव है। राज्य के विकास के मामले में इसका योगदान शून्य है। विपक्ष अधिकांश समय विधानसभा के बाहर रहता है। सदन में लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के बजाये इसकी रुचि नारेबाजी और बहिर्गमन में रहती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ नारेबाजी और धरने पर बैठना नहीं होता। उन्होंने कहा, “विपक्षी दल को विधानसभा में सार्वजनिक मुद्दे उठाने चाहिए और सार्वजनिक हित में इन पर बहस करनी चाहिए।”
अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में उन्होंने कहा कि हाल में शहरी स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के नतीजे उनकी सरकार के बेहतर कामकाज की तरफ इशारा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बीते दो साल में मोदी सरकार द्वारा धन जारी करने के मामले में फार्मूले पर नहीं टिकने की वजह से राज्य के विकास पर असर पड़ा। लेकिन, अब केंद्र सरकार फार्मूले पर अमल कर रही है और इसका सकारात्मक असर राज्य के विकास पर पड़ेगा।
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