शिमला, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ बुधवार को श्रमिक संगठनों द्वारा आहूत हड़ताल के चलते हिमाचल में 2,000 से ज्यादा सरकारी रोडवेज बसें सड़कों से नदारद हैं, जिससे यात्री परेशान हैं।
राज्य में हालांकि सरकारी कार्यालयों और शैक्षिक संस्थानों में कामकाज सामान्य है और कहीं से भी किसी तरह की हिंसा की कोई खबर नहीं है।
बंद का सबसे ज्यादा असर शिमला, रामपुर, सोलन, मंडी, नाहन, उना, बिलासपुर, हमीरपुर, धर्मशाला, थियोग पालमपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मनाली जैसे प्रमुख शहरों में दिखा, क्योंकि वहां निजी बसों के संचालक भी बंद में शामिल रहे।
हिमाचल सड़क परिवहन निगम के एक अधिकारी ने कहा कि हड़ताल की वजह से 250 से ज्यादा अंतर-राज्यीय मार्ग बुरी तरह प्रभावित है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “बंद की वजह से पड़ोसी राज्य पंजाब से राज्य को होने वाली दूध आपूíत भी प्रभावित हुई है।”
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) भी फल उत्पादकों की समस्याओं के प्रति राज्य सरकार के उदासीन रैवेये के खिलाफ हड़ताल में शमिल हुई।
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